चीनी को लेकर CM योगी बोले- घबराएं नहीं, जमाखोरी पर होगी कड़ी कार्रवाई

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देशभर में चीनी को लेकर मचे हाहाकार के बीच UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की. बैठक में बताया गया कि प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख कुंतल, निगम की मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध है.

उन्होंने कहा कि राज्य में चीनी की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है और आम लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. प्रदेश की चीनी मिलों में 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडार है, जबकि जून और जुलाई में मिलों ने 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है. मुख्यमंत्री ने जरूरत पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों को संचालित करने के निर्देश दिए हैं.

चीनी के स्टॉक पर सीएम ने की समीक्षा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को चीनी की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की. बैठक में बताया गया कि प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख कुंतल, निगम की मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध है. इस तरह प्रदेश में कुल 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडार मौजूद है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उपलब्ध स्टॉक को देखते हुए आम लोगों को चीनी की कमी को लेकर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है.

दो महीने में 235 लाख कुंतल बिक्री: बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जून और जुलाई के दौरान प्रदेश की चीनी मिलों ने कुल 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है. इसमें से बड़ी मात्रा में चीनी अभी खुले बाजार में उपलब्ध है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत के हिसाब से आगे की व्यवस्था की जाए. उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों को संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि बाजार में आपूर्ति को लेकर किसी तरह की समस्या न हो.

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई: मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि चीनी की कमी को लेकर फैलाए जा रहे किसी भी तरह के भ्रम से बचें. उन्होंने अधिकारियों को चीनी की कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए. सरकार की ओर से स्टॉक रखने की सीमा भी तय की गई है. कोई डीलर 30 दिन से अधिक का चीनी स्टॉक नहीं रख सकेगा और एक समय में 400 टन से ज्यादा स्टॉक रखने की भी अनुमति नहीं होगी.

स्टॉक सीमा का रखना होगा ध्यान: बल्क कंज्यूमर्स, जिनकी मासिक खपत 10 मीट्रिक टन है, वे भी 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे. वहीं चीनी मिलों को अपने मासिक कोटे के तहत बेची गई चीनी को बिक्री की तारीख से सात दिन से अधिक समय तक गोदाम में रखने की अनुमति नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इन नियमों का सख्ती से पालन कराने को कहा है, ताकि जमाखोरी के जरिए बाजार में कृत्रिम कमी या कीमतों में बढ़ोतरी की स्थिति न बने.

डीएम करेंगे गोदामों की जांच: मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में पंजीकृत चीनी मिलों के साथ थोक और फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों को उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट लेने को कहा गया है. निर्धारित सीमा से ज्यादा चीनी रखने या जमाखोरी मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. साथ ही जिलों में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.

48 लाख किसानों को मिला भुगतान: बैठक में पेराई सत्र 2026-27 को लेकर भी जानकारी दी गई. इसके लिए प्रदेश में 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित बताया गया है और इससे करीब 90 लाख टन चीनी उत्पादन की संभावना है. प्रदेश में हर महीने करीब 4 लाख टन चीनी की खपत का अनुमान है. वहीं पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है.

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