UP में सोमवार शाम 8 जिलों में अचानक मौसम बदल गया. करीब 4 बजे बाराबंकी, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर में आंधी-बारिश के साथ ओले गिरे. धान और गन्ने की फसलें गिर गईं. किसानों के मुताबिक धान की करीब 20% फसल को नुकसान हुआ है.
अयोध्या में करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी आई. दिन में अंधेरा छा गया। आंधी और बारिश के चलते जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए. कई दुकानों के टीनशेड उड़ गए. वाराणसी में भी शाम करीब 5 बजे तेज आंधी चली. इसकी वजह से तीन फ्लाइट्स को लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा.
उधर, लखनऊ और सीतापुर समेत 11 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार सातवें दिन बढ़ रहा है. फैजुल्लागंज इलाके के करीब 40 हजार घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भर गया है.
मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार के लिए 10 जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई थी. मंगलवार को 33 जिलों में बारिश का अलर्ट है.

प्रतापगढ़ में शाम करीब 5 बजे अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कई जगह ओले भी गिरे.

बाराबंकी में तेज बारिश के साथ कई इलाकों में ओले गिरे हैं.
वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम में बदलाव मानसून की वापसी की गतिविधियों की वजह से आया है. अलग-अलग हिस्सों में पूरे सप्ताह बारिश की संभावना है. तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. कुछ जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं.
बदलाव का असर इस पूरे सप्ताह बना रहेगा: मौसम विभाग के अनुसार, इस बदलाव का असर इस पूरे सप्ताह बना रहेगा. गरज-चमक और बारिश के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस मौसमी बदलाव का असर अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की संभावना है.
ट्रफ रेखा और पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला है माैसम: क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि एक ट्रफ लाइन उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होते हुए बिहार, झारखंड और बंगाल तक बनी है. इसके साथ वातावरण में नमी और दिन में हो रही हीटिंग तथा सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के संयोग से मौसम में बदलाव आया है. इन मौसमी परिस्थितियों से बादल सक्रिय हुए और प्रदेश में बारिश व तेज हवाओं का दौर शुरू हुआ है.
















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