सोनभद्र जेल में बंद दीनू उपाध्याय की 16 माह बाद रिहाई मिल गई. हाईकोर्ट से गैंगस्टर में जमानत मिलने के बाद शनिवार दोपहर उसे रिहा कर दिया गया. दीनू के खिलाफ पिंटू सेंगर हत्याकांड, कारोबारी का अपहरण समेत 23 मुकदमे दर्ज हुए थे. पिंटू सेंगर मर्डर केस के 5 साल बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था.
9 मई 2025 को पुलिस ने भेजा था जेल: ऑपरेशन महाकाल के दौरान पिंटू सेंगर हत्याकांड मामले में अधिवक्ता दीनू उपाध्याय को 9 मई 2025 को जेल भेजा गया था. इसके बाद दीनू के खिलाफ एक के बाद एक कई मामले कोतवाली, नवाबगंज और फजलगंज थानों में दर्ज किए गए. पीड़ितों की शिकायत पर इसी बीच दीनू उपाध्याय को सोनभद्र जेल स्थानांतरित कर दिया गया.
मामले में अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि दीनू की गैंगस्टर में हाईकोर्ट में जमानत लगी थी. करीब 10 दिन पहले जमानत मिलने के बाद जिला न्यायालय में एक-एक लाख के बंधपत्र दाखिल किए गए. बंधपत्रों का वेरीफिकेशन होने के बाद रिहाई परवाना सोनभद्र जेल भेजा गया था.
23 मुकदमे है विचाराधीन: जिसके बाद शनिवार की दोपहर दीनू को सोनभद्र से रिहा कर दिया गया. दीनू पर वर्तमान में 23 मामले विचाराधीन हैं. दीनू के भाई अधिवक्ता संजय उपाध्याय व भतीजा पहले ही जमानत पर बाहर आ चुके हैं.
















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