UP में विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माने जा रहे विधान परिषद (एमएलसी) के शिक्षक और स्नातक खंड के वोटों की काउंटिंग जारी है। 11 में से 8 सीटों पर रुझान आने लगे हैं. सपा और भाजपा चार-चार सीटों पर आगे चल रही है. विधान परिषद के खंड स्नातक की पांच और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह सीटों पर चुनाव हुआ है.
लखनऊ स्नातक और शिक्षक, वाराणसी स्नातक और शिक्षक, आगरा स्नातक और शिक्षक, मेरठ स्नातक और शिक्षक, इलाहाबाद-झांसी स्नातक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतगणना हो रही है. 11 सीटों पर हुए चुनाव की गिनती प्रदेश के सात जिलों में हो रही है. पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी पहले चरण में आगे चल रहे हैं वहीं लखनऊ में वैध-अवैध मतपत्रों को लेकर हंगामा हो गया.
इस प्रकार रहे रुझान इस प्रकार है-
वाराणसी
शिक्षक: सपा के लाल बिहारी आगे भाजपा के प्रमोद मिश्रा पीछे
स्नातक: रुझान नहीं
लखनऊ
शिक्षक: भाजपा उमेश द्विवेदी आगे सपा के प्रतीक कुमार पीछे
स्नातक: रुझान नहीं
आगरा
शिक्षक: सपा के आकाश अग्रवाल आगे भाजपा के हरिकिशोर तिवारी पीछे
स्नातक: रुझान नहीं
मेरठ
शिक्षक: भाजपा के श्रीचंद अग्रवाल आगे नितिन कुमार तोमर पीछे
स्नातक: भाजपा के दिनेश गोयल आगे, सपा के प्रमेंद्र भाटी पीछे
गोरखपुर
शिक्षक: सपा के संजयन त्रिपाठी आगे, भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी पीछे
झांसी
स्नातक: सपा प्रत्याशी मान सिंह आगे, भाजपा के अशोक कुमार राठौर पीछे
बरेली
शिक्षक: भाजपा के हरि सिंह ढिल्लो आगे सपा के हाजी दानिश अख्तर पीछे
धीमी काउंटिंग पर अखिलेश ने उठाए सवाल: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी एमएलसी चुनाव की मतगणना में देरी को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल संज्ञान लेने और परिणामों को पारदर्शी बनाने की मांग की. सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मतगणना जानबूझकर धीमी कराई जा रही है. हर राउंड का परिणाम आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया जा रहा है और न ही राजनीतिक दलों और मीडिया के साथ जरूरी जानकारी साझा की जा रही है.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग लोकतंत्र का मजाक न बनाए. पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मतगणना पर नजर बनाए हुए हैं. जीत का प्रमाणपत्र मिलने तक सभी कार्यकर्ता मुस्तैद रहेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिलाधिकारी या कमिश्नर की ओर से किसी तरह की बेईमानी की कोशिश की गई तो पार्टी आंदोलन करेगी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएगी.















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