कोडीन कांड में 25 हजार का इनामी CA शिवम कानपुर में अरेस्ट, बचने के लिए I-Phone फेंका

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पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले गिरोह के सरगना फीलखाना निवासी विनोद अग्रवाल के 25 हजार रुपये के इनामी सीए बेटे शिवम अग्रवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने खुलासा करते हुए बताया कि अब तक दर्ज आठ मुकदमों में 11 आरोपी वांटेड थे, जिनमें यह छठी गिरफ्तारी है. गिरोह उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक कोडीन युक्त कफ सिरप की सप्लाई करता था.

पांच महीने से फरार, लुकआउट नोटिस जारी: पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी शिवम पिछले पांच महीने से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था. उसकी लोकेशन दिल्ली, गुरुग्राम, राजस्थान और प्रयागराज में मिल रही थी. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने दो दिन पहले अपना आईफोन सड़क पर फेंक दिया था. हाल ही में वह खाटू श्याम दर्शन करने भी गया था.

छापेमारी के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर ने 26 लाख बोतलों की हेराफेरी की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि दो वर्षों में 1.12 करोड़ बोतलों की सप्लाई की गई थी.

8 करोड़ की संपत्ति सीज, फर्जी कंपनियों से सप्लाई: पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी की करीब 8 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज कर दी गई है. पूछताछ में शिवम ने खुद को मुख्य सप्लायर बताया. वह कोडीन युक्त कफ सिरप स्टॉकिस्ट को देता था, लेकिन आगे की बिक्री का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। जांच में फर्जी कंपनियों के जरिए दवाओं की बिक्री का भी खुलासा हुआ है.

टीम बैच नंबरों का भौतिक सत्यापन कर रही है. अब तक करीब 15 लाख बोतलों का सत्यापन हो सका है.

10-12 प्रतिशत अधिक दाम पर बिक्री पूछताछ में सामने आया कि फेंसाड्रिल की सबसे अधिक सप्लाई की जाती थी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि ड्राई स्टेट और कुछ संवेदनशील इलाकों में कोडीन युक्त कफ सिरप की ज्यादा खपत थी. बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाएं 10 से 12 प्रतिशत अधिक दाम पर बेची जाती थीं. जांच में अब तक 42 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला है, जबकि कुल कारोबार करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. इसकी वित्तीय जांच अलग से कराई जा रही है.

32 कंपनियों में सप्लाई की जांच बैच, ई-वे बिल और वाउचर के मिलान में अब तक करीब 10 प्रतिशत सत्यापन हो पाया है. बिंग्स बायोटेक से सप्लाई हुई 76 लाख बोतलों की डिटेल जांची जा रही है. शिवम की दो फर्मों से 32 कंपनियों को सप्लाई का भी पता चला है, जिसकी जांच जारी है.

पूछताछ में शिवम ने बताया कि फर्जी फर्म श्रीराम मेडिकल एजेंसी के नाम पर फर्जी बिल काटकर कोडीन युक्त कफ सिरप और अन्य नशीली दवाओं की तस्करी विभिन्न राज्यों में की जाती थी.

इन थानों में दर्ज हुए मुकदमे मां दुर्गा मेडिकोज के खिलाफ महाराजपुर, बालाजी मेडिकोज के खिलाफ रायपुरवा, एएस हेल्थ केयर के खिलाफ कल्याणपुर, आरएस हेल्थकेयर के खिलाफ चकेरी, मसाइको फर्म व मेडिसिन फार्मा के खिलाफ कलक्टरगंज तथा अग्रवाल ब्रदर्स के खिलाफ कलक्टरगंज और हनुमंत विहार थानों में मुकदमे दर्ज किए गए थे.

बाद में जांच एसआईटी को सौंपी गई. जांच में सामने आया कि इस गिरोह का सरगना अग्रवाल ब्रदर्स का मालिक विनोद अग्रवाल है.

एसआईटी अब तक सरगना विनोद अग्रवाल, प्रभात खरे, विशाल सिंह सिसोदिया, रोहन पचौरी और सुमित केसरवानी को जेल भेज चुकी है. वहीं वेदप्रकाश शिवहरे, अनमोल गुप्ता, मंजू शर्मा, अभिषेक शर्मा और विकास तिवारी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं.

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