कानपुर में सुसाइड करने वाली महिला सिपाही का 23 साल बड़े कोचिंग संचालक के साथ अफेयर था. महिला सिपाही और उसके प्रेमी के बीच 9 महीने में 5 हजार से अधिक बार फोन पर बात हुई. पुलिस को मिले कॉल डिटेल रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों के बीच सबसे लंबी बातचीत करीब 4 घंटे की थी.
पुलिस के अनुसार, महिला सिपाही की किसी और से भी बात होने लगी थी. इसकी जानकारी होने पर कोचिंग संचालक और सिपाही के बीच झगड़ा हुआ था. सुसाइड वाले दिन दोनों के बीच तीन बार बातचीत हुई थी.
बुधवार, 30 सितंबर को हुई यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर रेउना थाना क्षेत्र की है. घर में उसका शव फंदे से लटकता हुआ मिला था. 22 वर्षीय सिपाही प्रतीक्षा सिंह अमेठी के मोहनगंज थाने में तैनात थी. पुलिस भर्ती की तैयारी के दौरान उसका कोचिंग संचालक से अफेयर हो गया था.
पुलिस ने आरोपी कोचिंग संचालक विक्रम सिंह चंदेल को अरेस्ट कर लिया है. वह 2019 में सेना से सिपाही के पद से रिटायर्ड हुआ था. इसके बाद 2021 से गजनेर में कोचिंग पढ़ाने लगा.
हालांकि, 2023 में कोचिंग बंद कर कानपुर की एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लगा. महिला कॉन्स्टेबल के पिता विजय सिंह ने आरोप लगाया कि कोचिंग संचालक उनकी बेटी को मेंटली टॉर्चर कर रहा था.

आरोपी कोचिंग संचालक विक्रम सिंह चंदेल 2019 में सेना से रिटायर्ड हुआ था.
कानपुर के गिरसी गांव की रहने वाली प्रतीक्षा सिंह की कॉन्स्टेबल पद पर 2025 में भर्ती हुई थी. पिता विजय सिंह किसान हैं, मां सुषमा सिंह गृहणी हैं. भाई राजवीर, बहनें दीपा और दिव्या अभी पढ़ाई कर रही हैं.
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि प्रतीक्षा ने साल 2022 में सचेंडी के विनौर गांव निवासी विक्रम सिंह चंदेल की गजनेर स्थित कोचिंग जॉइन की थी. कुछ समय बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई. साल 2025 में प्रतीक्षा पुलिस में कॉन्स्टेबल पद पर भर्ती हुई. इसके बाद उसकी तैनाती अमेठी के मोहनगंज थाने में हुई.
30 सितंबर को प्रतीक्षा 7 दिन की छुट्टी लेकर रेउना थाना क्षेत्र स्थित अपने घर पहुंची थी. घर पहुंचते ही उसने आराम करने की बात कही और अपने कमरे में चली गई. दोपहर करीब 2 बजे उसकी छोटी बहन कमरे में पहुंची तो प्रतीक्षा फंदे से लटकती मिली.
छोटी बहन ने अपनी मां और पिता को इसकी जानकारी दी. सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच की तो कॉन्स्टेबल का मोबाइल रिसेट मिला.
दो बच्चों का पिता है कोचिंग संचालक, कॉन्स्टेबल से अफेयर: प्रतीक्षा के पिता विजय सिंह की तहरीर पर पुलिस ने 45 वर्षीय कोचिंग संचालक विक्रम सिंह चंदेल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. विक्रम शादीशुदा और दो बच्चों का पिता है। वह सेना से रिटायर्ड हैं. इसके बाद कोचिंग क्लासेज चलाने लगा. 2023 में कोचिंग बंद कर कानपुर में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लगा था.

सुसाइड से पहले अमेठी के कॉन्स्टेबल से की थी बात: डीसीपी दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक, जॉइनिंग के बाद महिला कॉन्स्टेबल की किसी और से बातचीत होने लगी थी. इसकी भनक विक्रम को लग गई थी. इस बात को लेकर दोनों के बीच झगड़े भी हुए थे. 30 सितंबर को विक्रम और प्रतीक्षा के बीच तीन बार बातचीत हुई.
पहली बार सुबह करीब 30 मिनट, दूसरी बार सुबह 11 बजे करीब 15 मिनट और तीसरी बार दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच करीब 45 मिनट तक दोनों की बात हुई. इसके बाद महिला कॉन्स्टेबल ने अमेठी में तैनात एक कॉन्स्टेबल से करीब 30 से 35 मिनट बात की. इसके बाद उसने मोबाइल रिसेट किया और सुसाइड कर लिया.
भाई बनकर घर आता-जाता था टीचर: डीसीपी ने बताया कि परिजनों के मुताबिक, कोचिंग टीचर विक्रम प्रतीक्षा को बहन मानता था और भाई बनकर घर आता-जाता था. पुलिस की पूछताछ में विक्रम ने बताया कि घरवाले उसकी शादी तय करना चाहते थे. इसी बात को लेकर घटना वाले दिन दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई थी.
पिता ने पुलिस विभाग पर भी लगाए आरोप: मृतका के पिता विजय सिंह ने मोहनगंज थाने में ड्यूटी के दौरान विभागीय सहकर्मी द्वारा बेटी को लगातार मानसिक प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बेटी को करियर और जीवन बर्बाद करने की धमकियां दी जा रही थीं. पिता ने अवकाश नहीं देने और कार्यस्थल पर प्रताड़ित करने के भी आरोप लगाए हैं.
विजय सिंह के मुताबिक, बेटी जब भी घर आती थी तो डरी-सहमी रहती थी. उन्होंने कई बार उससे इसकी वजह पूछने की कोशिश की, लेकिन उसने कुछ बताने से इनकार कर दिया था.
















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