गाजीपुर में सपा प्रतिनिधिमंडल और गांववालों के बीच बुधवार को जमकर पत्थर चले. सपा का प्रतिनिधिमंडल एक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा था, लेकिन गांववालों ने उन्हें गांव के बाहर रोक दिया. इस दौरान झगड़े के बाद पत्थरबाजी हुई. इसमें पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा के सिर पर गंभीर चोट लगी. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
दरअसल, 15 अप्रैल को 16 साल की लड़की निशा विश्वकर्मा का शव जमानिया पुल के पास नदी में मिला था. पुलिस जांच में यह मामला हत्या का निकला. इसके बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
निशा की मौत के बाद से ही गांव में तनाव का माहौल था. इसी बीच, बुधवार को सपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने कटरिया गांव जा पहुंचा था.
पत्थरबाजी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात पर काबू पाया.
बुधवार सुबह 11 बजे सपा के प्रतिनिधिमंडल को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचना था। लेकिन, प्रतिनिधिमंडल करीब 12 बजे गांव पहुंचा. ग्रामीणों ने उन्हें गांव के बाहर ही रोक लिया। इस पर गुस्से में सपा का प्रतिनिधिमंडल वहीं धरने पर बैठ गया. मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों से परिवार से मिलने की इजाजत मांगी. इसके बाद परिवार की एक महिला को बातचीत के लिए बुलाया गया.
इसी दौरान अचानक गांववालों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी होने लगी. इस घटना में सपा के पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा, जंगीपुर के सपा विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव, दो महिला कार्यकर्ता रीना यादव और बिंदु घायल हो गईं। सभी घायलों का इलाज गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.
पथराव के दौरान मौके पर तैनात पुलिस फोर्स देखती रही. इनमें सीओ शेखर सेंगर, करंडा थानाध्यक्ष संतोष पाठक, सदर कोतवाल महेंद्र सिंह और गोराबाजार चौकी इंचार्ज शिवाकांत मिश्रा समेत 60 से 70 पुलिसकर्मी मौजूद थे. कोतवाली सर्किल के अंतर्गत आने वाले 4 थानों की फोर्स भी लगाई गई थी.
वहीं, पथराव की घटना के बाद तनाव को देखते हुए एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया। साथ ही 26 जवानों की एक प्लाटून पीएसी भी मौके पर है.
















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