कल 4 मई, सोमवार, यानी चुनावी नतीजों का दिन आने में महज चंद घंटे बाकी हैं. राजनीतिक पार्टी कोई भी हो, नतीजों से ठीक पहले वाला दिन सबके लिए बहुत उहापोह वाला होता है. कौन हारेगा, कौन जीतेगा? किसकी सरकार बनेगी. कितनी सीटें मिलेंगी? यही हिसाब-किताब लगाने के साथ, और भगवान से मनौती मनाने में पूरा वक्त निकल जाता है. बंगाल में ‘दीदी’ जीत का चौका लगाएंगी या ‘दादा’ पहली बार बीजेपी की सरकार बनाकर टीएमसी को आउट कर देंगे, यह पता लगने से पहले पश्चिम बंगाल ने नेताओं ने रविवार को क्या-क्या किया आएए बताते हैं.
नेताओं ने दिन भर क्या-क्या किया? दिन बीत गया किसने कैसे बिताया ये बताने से पहले चंद पंक्तियां बहुत से लोगों को याद आईं – ‘यही रात अंतिम, यही रात भारी. बस एक रात की कहानी है सारी यही रात अंतिम, यही रात भारी…’
पश्चिम बंगाल के प्रमुख नेता चाहे वो सत्ताधारी टीएमसी के हों या मुख्य विपक्षी दल बीजेपी के, सभी मतगणना की तैयारियों में बिजी रहे. तमाम नेता नतीजों से पहले और बाद की रणनीति बनाने के लिए बैठक करते रहे. कुछ नेता और उनके समर्थकों का जत्था स्ट्रॉन्ग रूम के आस-पास मंडराता नजर रहा. मतगणना स्थलों के बाहर भी टीएमसी और बीजेपी नेताओं की टीमें नजर आईं. हालांकि बीजेपी ने तो पहले ही बता दिया था कि उसके नेता क्या करेंगे?
जनादेश से पहले टेंपल रन! बंगाल में बीजेपी (BJP) के उम्मीदवारों ने मतगणना से पहले रविवार को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के मंदिरों में पूजा-अर्चना कर जीत की कामना की. शुभेंदु अधिकारी ने अपने गृह जिले ‘पूर्व मेदिनीपुर’ में काली माता के मंदिर और शिव मंदिरों में जाकर माथा टेका. अधिकारी ने 2021 में ममता बनर्जी को नंदीग्राम से हराया था. इस बार भी अधिकारी नंदीग्राम की जनता का आभार जताने वहीं से चुनाव लड़े, इसके अलावा अधिकारी कोलकाता की भवानीपुर सीट से टीएमसी सुप्रीमो और सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ पूरे दमखम से चुनाव लड़े.
सिलीगुड़ी के उम्मीदवार शंकर घोष ने रथाखोला कालीबाड़ी मंदिर में पूजा की. बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य (Samik Bhattacharya) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जीत का दावा किया. दिलीप घोष ने कोलकाता के न्यू टाउन स्थित काली मंदिर में पूजा-अर्चना की. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोलकाता पोर्ट के बीजेपी कैंडिडेट राकेश सिंह ने अपने क्षेत्र के मंदिर में पूजा की, वहीं ‘चौरंगी’ से पार्टी कैंडिडेट संतोष पाठक ने बुर्राबाजार के मंदिर में दर्शन किए. बहरामपुर के उम्मीदवार सुब्रत मैत्रा ने मुर्शिदाबाद जिले में अपने क्षेत्र के कई मंदिरों में पूजा-अर्चना की.
दोनों तरफ एक कॉमन चीज ये देखने को मिली कि टीएमसी और बीजेपी दोनों के समर्थकों ने पोस्टल बैलट्स और ईवीएम की गिनती शुरू होने से ठीक एक दिन पहले अपनी-अपनी पार्टियों के जीत के दावे करते नजर आए.















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