पुनीत शुक्ला, कानपुर।
1600 करोड़ की ठगी का शातिर महफूज आलम उर्फ पप्पू छुरी को आखिरकार कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. उसे गुरुवार को जेल भेज दिया गया. आरोपी को कोलकाता में TMC (तृणमूल कांग्रेस) नेता ने पनाह दी थी.
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि महफूज पिछले दो माह से फरार चल रहा था. पुलिस उसके खिलाफ अब तक पांच मुकदमे दर्ज कर चुकी है. उन्होंने आगे बताया कि इसकी गिरफ्तारी से 16 बैंकों के 100 से ज्यादा खातों से 3200 करोड़ से अधिक के लेनदेन का खुलासा हुआ है.16 फरवरी को श्याम नगर में महफूज के कैश कैरियर्स के साथ सिर पर तमंचे की बट मारकर लूट की थी.
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने आगे बताया कि श्याम नगर चौकी के पास 16 फरवरी को दो बाइकों पर सवार चार युवकों ने यशोदा नगर के वासिद और अरशद से 24 लाख रुपए की लूट की थी. दोनों जाजमऊ निवासी महफूज आलम उर्फ पप्पू छुरी के लिए काम करते थे. लूट की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस महफूज और उसके खातों तक पहुंची तो ढाई साल में 1600 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला.
उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए उसे बुलाया तो वह फरार हो गया, फरारी के दौरान वह अपनी ससुराल कोलकाता पहुंचा जहां एक तृणमूल कांग्रेस नेता की पनाह में था. पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे सामने आने के बाद तृणमूल का प्रभाव खत्म हुआ तो महफूज ने खुद को बचाने के लिए मुखबिरों से बातचीत की. पुलिस अधिकारियों की माने तो एक मुखबिर के आश्वासन पर वह कानपुर आया. इसी दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया.
महफूज भोले-भाले लोगों के खुलवाते था खाते: जाजमऊ की रहने वाली आरती बेरोजगार हैं. वह मजदूरी कर जीवन यापन कर रही है. महफूज ने उसके नाम पर “आरती इंटरप्राइजेज” बनाकर करीब 100 करोड़ का ट्रांजेक्शन किया गया. इसी तरह शहनवाज के नाम पर फर्जी आधार-पैन बनाकर “राजा इंटरप्राइजेज” के जरिए 64.44 करोड़ रुपए का लेनदेन किया. काशिफ और अल्फिशा के नाम पर बनाई गई फर्मों से 68.25 करोड़ और 133 करोड़ का ट्रांजेक्शन किया गया.
कबाड़ी और पेंटर को बनाया शिकार: पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने आगे बताया कि कबाड़ी का काम करने वाले अजय शुक्ला के दस्तावेज लेकर “मां विध्यवासिनी इंटरप्राइजेज” के नाम से करीब 21 करोड़ का ट्रांजेक्शन किया गया। वहीं पेंटर निखिल कुमार के नाम पर “रवि इंटरप्राइजेज” बनाकर 7.75 करोड़ रुपए का लेनदेन किया गया था.
इन सभी लोगों को इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनके खातों का इस्तेमाल करोड़ों के फर्जी ट्रांजेक्शन के लिए किया जा रहा था। जब पुलिस इन तक पहुंची, तो उनकी आर्थिक हालत देखकर खुद पुलिस भी हैरान रह गई.
100 से ज्यादा अकाउंट, 16 बैंकों से जुड़ा नेटवर्क: उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में अब तक 16 बैंकों के 100 से ज्यादा खातों के जरिए 3200 करोड़ रुपए से अधिक का ट्रांजेक्शन सामने आया. इसमें स्लॉटर हाउस, जीएसटी धोखाधड़ी और हवाला के जरिए रकम घुमाने की बात सामने आई है. पुलिस ने मास्टरमाइंड महफूज आलम उर्फ पप्पू छुरी के साले महताब आलम और उसके बेटे मासूम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था.
ED और अन्य एजेंसियां भी जांच में जुटीं: इस बड़े फर्जीवाड़े में टेरर फंडिंग के एंगल से भी जांच की जा रही है. पुलिस के साथ अब प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग (IT) और रिजर्व बैंक (RBI) जैसी एजेंसियां भी मामले की जांच में शामिल हो गई हैं. पूरे नेटवर्क की परतें खंगाली जा रही हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे की संभावना है.
















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