पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में चाची ने भतीजी को हीटर से जला दिया। यह देखकर भाई चिल्ला उठा और तुरंत डायल 112 पर कॉल करके मदद मांगी. पुलिस अंकल से बोला- जल्दी आ जाइए, मेरी बहन को चाची जला रही हैं। हम लोगों को ये मार डालेंगी.
गुरुवार शाम 5 बजकर 55 मिनट पर मिली सूचना पर डायल 112 की गाड़ी पहुंची. यहां किशोर के साथ उसके 11 और चार साल के दो भाई और नौ साल की बहन मौजूद थी. बच्चों ने घाव दिखाकर कहा- चाची खाना मांगने पर बुरी तरह से पीटती हैं. सभी के पीठ, हाथ, हथेली, जांघ, सिर व अन्य हिस्सों में चोटों के निशान थे.
पुलिस को देखकर पड़ोसियों बताया कि बच्चे लंबे समय से प्रताड़ना की बात बताते थे, लेकिन डर के कारण शिकायत नहीं कर पा रहे थे। मामला महाराजपुर थाना क्षेत्र का है.
महाराजपुर थाना क्षेत्र में 4 बच्चे अपने चाचा और चाची के साथ रहते हैं. किशोर ने बताया- हम तीन भाई जबकि एक बहन हैं. पीड़ित बच्चों ने बताया- हमारे मम्मी-पापा नहीं हैं. पापा अवधेश की 2 साल पहले टीबी और मां सोनी की 3 साल पहले मौत हो गई थी.
मम्मी-पापा की मौत के बाद से हम चारों बच्चें चाचा मिथिलेश और चाची सविता के साथ रह रहे थे. बच्चों ने बताया- चाचा-चाची हम लोगों को खाना भी नहीं देते थे. कुछ भी मांगने पर मारपीट करते थे. चाची हमें गर्म ईंट और हीटर पर बैठा देती हैं. बिजली के तार से करंट लगाने को डराती हैं.
चाची को पुलिस कर्मियों ने डांटा, बच्चों को राशन दिलाया: गुरुवार शाम को चाची मेरी बहन को हीटर से जला रही थीं. मैंने डायल 112 पर कॉल किया और तब पुलिस पहुंची. पुलिसकर्मियों ने चाची को बुलाया और बच्चों के आरोपों के बारे में पूछा. चाची ने कहा कि वच्चे स्कूल नहीं जाते हैं. उन्होंने दुकान से चोरी की थी जिसके लिए उनकी पिटाई की गई.
पुलिसकर्मियों ने महिला को डांटते हुए सख्त हिदायत दी. कहा- जेल चली जाओगी। जालिम हो, कोई बच्चों को इस तरह से मारता है. बच्चों को भूखा जानकर दोनों पुलिसकर्मी अमरदीप और सुमित कुमार सिंह दुकान गए. वहां से खाने पीने की वस्तुएं दीं.
देर शाम महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने बच्चों और ग्रामीणों से जानकारी जुटाई. उन्होंने भी बच्चों को प्यार और दुलार से रखने की नसीहत दी. पुलिस ने चारों बच्चों को छोटे वाले चाचा अश्विनी के सुपुर्द कर दिया है. हालांकि बच्चे अपने पापा के घर में अकेले रह रहे हैं.
किशोर ने बताया- हमारे पापा 3 भाई थे. मेरे पापा सबसे बड़े थे. बीच वाले चाचा मिथिलेश हैं और उनके एक 5 साल की बेटी है. जबकि सबसे छोटे चाचा अश्विनी हैं.

पुरवामीर गांव में शुक्रवार को बच्चों से मिलने एसडीएम नरवल विवेक कुमार मिश्रा पहुंचे.
एसडीएम नरवल विवेक कुमार मिश्रा टीम के साथ बच्चों के गांव पहुंचे: पुरवामीर गांव में चार अनाथ बच्चों के साथ हुई प्रताड़ना के मामले में शुक्रवार को एसडीएम नरवल विवेक कुमार मिश्रा पहुंचे. उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल विभागों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने देखा कि बच्चे खुद चूल्हे पर खाना बना रहे थे. इस पर तुरंत गैस सिलेंडर और चूल्हे की व्यवस्था कराई गई. साथ ही बच्चों के लिए आयुष्मान कार्ड, अंत्योदय राशन कार्ड तथा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत पात्र दो बच्चों को प्रतिमाह ढाई-ढाई हजार रुपए दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई गई.
एसडीएम ने चारों बच्चों का नजदीकी स्कूलों में प्रवेश कराने, स्कूल ड्रेस, कॉपी-किताबें, जूते-मोजे सहित अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए. उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में आवास योजना आने पर बच्चों को आवास भी उपलब्ध कराया जाएगा.
मौके पर मौजूद महाराजपुर थाना क्षेत्र पुलिस को निर्देशित किया गया कि बच्चों की नियमित निगरानी की जाए और उनके साथ बर्बरता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया- “महाराजपुर के एक गांव में बच्चों के साथ मारपीट किए जाने की सूचना आई थी. थाना प्रभारी मामले की जांच कर रहे हैं। यूपी 112 की टीम भी मौके पर गई थी. दोबारा शिकायत आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.”
















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