हमीरपुर में हाईवे NH-34 के चौड़ीकरण की मांग बड़े जनांदोलन में तब्दील, तपती धूप में हजारों उतरे सड़क पर

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इरशाद खान, हमीरपुर।
हमीरपुर में अब हाईवे NH-34 पर डिवाइडर और चौड़ीकरण की मांग ने एक जनांदोलन की शक्ल ले ली है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण आज 45-46 डिग्री सेल्सियस की तपती धूप भी इनके इरादों और मंसूबों को नहीं डिगा पायी. हजारों संख्या में महिलायें, नौजवान और बुजुर्ग डटे रहे और DM को ज्ञापन देने पर अड़े रहे.

जनपद के गांव-गांव से उमड़ा जनसैलाब, महिलाओं और पुरुषों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर की नारेबाजी, भीषण गर्मी में प्रदर्शन के दौरान कई महिलाएं बेहोश होकर गिरीं, मौके पर मची अफरा-तफरी लेकिन इरादों के पक्के बुन्देलखंडियों के हौसलों में कोई कमीं देखने को नहीं मिली. “खूनी हाइवे” पर लगातार हो रही मौतों से भड़का जनता का गुस्सा और तय कर लिया प्रशासन से आर-पार की लड़ाई का इरादा.

जनांदोलनकारी हजारों लोग जिला अधिकारी अभिषेक गोयल से मिलने का चार घंटे से मिलने का इंतजार कर रहे हैं पर DM साहब खबर लिखे जाने तक नहीं मिले. मालूम हो कि इस खूनी हाईवे नेशनल हाईवे 34 पर चार माह में लगभग 111 लोगों की अकाल मौतें हो चुकीं है फिर भी शासन-प्रशासन के लोग आँखें मूंदें है,

बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से हाईवे पर हो रहे हादसों में लगातार लोगों की जान जा रही है. इसी को लेकर सुमेरपुर, मौदहा और इंगोहटा क्षेत्र में बैठकों का दौर चल रहा था. गुरुवार को सभी संगठन एकजुट होकर ज्ञापन देने पहुंचे थे. कानपुर-सागर हाईवे-34 पर आए दिन हादसे हो रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर डिवाइडर न होने और कई हिस्सों में हाईवे संकरा होने की वजह से तेज रफ्तार वाहन सीधे आमने-सामने भिड़ जाते हैं. कई परिवार इन हादसों में अपनों को खो चुके हैं.

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि प्रशासन हादसों के बाद सिर्फ औपचारिक कार्रवाई करता है, लेकिन स्थायी समाधान की तरफ कोई कदम नहीं उठाया जा रहा. लोगों की मांग है कि हाईवे का जल्द चौड़ीकरण कराया जाए और बीच में डिवाइडर बनाया जाए ताकि हादसे कम हो सकें.

भारी पुलिस बल तैनात, बिना ज्ञापन दिए लौटे प्रदर्शनकारी: धरना और नारेबाजी बढ़ने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. पुलिस अधिकारियों ने लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और माहौल शांत कराने की कोशिश की. काफी देर तक चले हंगामे के बाद भी जब जिलाधिकारी बाहर नहीं आए, तो प्रदर्शनकारी नाराज होकर बिना ज्ञापन दिए ही लौट गए. हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हाईवे की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा.

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