शनि महाराज की कृपा के बिना शनि दोष से मुक्ति पाना बेहद मुश्किल माना गया है. यही वजह है कि उनकी कृपा पाने के लिए लोग पीपल वृक्ष के नीचे दीया, शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं. इसके अलावा इस दिन व्रत रखकर जानवरों को भोजन दिया जाता है, ताकि शनि ग्रह के कष्टों से राहत मिल सके. लेकिन, कई बार साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा के कष्टों का सामना करने वाले जातक भी यह भूल जाते हैं कि उन्हें शनिवार को कौन-से काम नहीं करने चाहिए. अगर, आप भी शनि महाराज की कृपा पाना चाहते हैं, तो नोट कर लें कि शनिवार के दिन क्या नहीं करना है.
पहला काम- ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, जब कभी भी कुंडली में शनि की स्थिति गड़बड़ होती है, तो पिता-पुत्र के बीच संबंध बिगड़ने लगते हैं. ऐसे में शनिवार को किसी भी तरह (मन, वचन और कर्म) से पिता का अपमान ना करें. बल्कि इस दिन उनकी विशेष सेवा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें. अगर पिता नहीं हैं, तो बड़े भाई से संबंध मधुर रखें. वैदिक ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक जो व्यक्ति शनिवार को ये काम करता है, उसे शनि महाराज की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
दूसरा काम- शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के कम से कम 100 मीटर के दायरे में किसी प्रकार की गंदगी ना फैलाएं. सनातन धर्म में पीपल में शनि देव का वास माना गया है. पीपल वृक्ष के आसपास गंदगी फैलाने से शनि दोष से छुटकारा पाना मुश्किल हो जाता है.
तीसरा काम- शनिवार को पीपल के नीचे दीया जलाने जाएं, तो वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति का निरादर ना करें. खासतौर पर बड़े-बुजुर्ग और महिलाओं के सम्मान का विशेष ध्यान रखें. इसके अलावा इस दिन कुत्ते या उसके बच्चों को ना मारें. शनिवार को कुत्ते को चेट पहुंचाने से शनि दोष और गहराता है.
चौथा काम- कार्यक्षेत्र या कार्यस्थल पर भी शनि का प्रभाव रहता है. ऐसे में वहां मौजूद किसी भी कर्मी, सहकर्मी को कष्ट ना पहुंचाएं. इससे शनि की स्थिति और बिगड़ जाती है.
पांचवां काम- शनिवार को बाल-नाखून काटने या कटवाने से बचना चाहिए. बाल और नाखून पर शनि का प्रभाव रहता है. हालांकि अगर इस दिन सूतक का ‘नख-बाल’पड़े, तो उस स्थिति में कटवाया जा सकता है.
















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