कृष्ण मोहनको अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव की जिम्मेदारी दी गयी है. वह चंपत राय की जगह यह पद संभालेंगे. मालूम हो चंदा चोरी प्रकरण के बाद चंपत राय को अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था. करीब तीन घंटे् तक चली बैठक के बाद हुए इस निर्णय की जानकारी गोविंद देव गिरि ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स में दी.
गोविंद देव गिरि ने बताया कि अंतरिम व्यवस्था के रूप में मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी कृष्ण मोहन को अंतरिम बनाया गया है। वह चंपत राय की जगह लेंगे और फिलहाल मंदिर ट्रस्ट का कामकाज देखेंगे.
कौन हैं कृष्ण मोहन? कृष्ण मोहन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं. वह भारतीय वन सेवा के अधिकारी रह चुके हैं. नौकरी से रिटायर होने के बाद वह RSS में शामिल हो गए थे. वे हरदोई के रहने वाले हैं. पिछले साल यानी सितंबर 2025 में ही उन्हें ट्रस्ट का नया ट्रस्टी बनाया गया था. उनकी नियुक्ति कामेश्वर चौपाल के निधन से खाली हुई सीट पर हुई थी. बड़ी बात यह है कि ये वही ट्रंस्टी हैं, जिनकी शिकायत पर राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का केस दर्ज हुआ है.
2012 में नौकरी से रिटायर हुए: कृष्ण मोहन की पढ़ाई लखनऊ विश्वविद्यालय से हुई है. उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में परमाणु ऊर्जा विभाग में कुछ साल काम किया था. बाद में वह भारतीय वन सेवा के लिए चुने गए. इस सेवा में उन्होंने महाराष्ट्र में काम किया. वह अपने पद से 2012 में रिटायर हो गए और उसके बाद समाज सेवा के काम में जुट गए.
आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है: प्रेस कॉन्फ्रेन्स के दौरान ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि ने कहा कि हम चाहते हैं कि दान चोरी के दोषियों को सजा मिले, लेकिन जो लोग अचानक सनातन प्रेम प्रदर्शित कर रहे हैं, वे बस हिंदुओं को बांटने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि दान में दी गयी जिन महंगी चीजों के चोरी होने की बात कही जा रही है, वे सभी प्रदर्शित की जाएंगी. बता दें कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टियों की यह बैठक मंदिर के दान में कथित हेराफेरी के विवाद के बीच हुई. इस मामले की जांच के लिये गठित विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) की शुरुआती जांच के आधार पर मुकदमा दर्ज होने के बाद आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
कड़ी से कड़ी सज़ा देने की मांग: बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास समेत सात स्थायी सदस्य शामिल रहे मगर सूत्रों के मुताबिक बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा दोनों ही मौजूद नहीं थे. बैठक के लिए राम मंदिर परिसर के आस-पास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और कार्यक्रम स्थल के पास निजी गाड़ियों (मीडियाकर्मियों की गाड़ियों समेत) की आवाजाही पर रोक लगा दी गयी. सुरक्षा कारणों से बैठक की जगह मणि राम दास छावनी से बदलकर मंदिर परिसर के अंदर बने गेस्ट हाउस में कर दी गई थी. इससे पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि वह कथित चोरी की घटना से बहुत आहत हैं और उन्होंने इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सज़ा देने की मांग की.
















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