चरण पादुका, सोने वाली मानस, कागभुसुंडी सब सुरक्षित, ट्रस्ट ने दिखाया रजिस्टर, कहा-जो चाहे देख ले

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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने साफ़ किया है कि सोने वाली राम चरित मानस, चरण पादुका, कागभुसुंडी आदि बहुत सी चीजों के गायब होने की बात कही जा रही है जो पूरी तरह गलत है. प्रेस कांफ्रेंस में ट्रस्ट ने कुछ ऐसी चीजों को सामने भी रखा.

कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत मंत्र पढ़कर की. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की बैठक 11 जुलाई को होने वाली थी लेकिन विशेष परिस्थितियों में इसे पहले छह जुलाई को करना पड़ा. जिस परिस्थिति का सामना करना पड़ा है वो बहुत दुखदायक है. लोगों ने राम मंदिर के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है. परिवार और करियर की परवाह नहीं की. अब उसमें चोरी से हम लज्जित और दुखी हैं. चोरी कितने की हुई ये बाद की बात है. उन्होंने बताया कि अब कृष्ण मोहन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की जिम्मेदारी संभालेंगे. उन्हें अंतरिम महासचिव बनाया गया है.

के.पारासरण ने ट्रस्ट के संविधान की दी जानकारी: कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि 99 वर्षीय के.पारासरण भी बैठक में ऑनलाइन मौजूद रहे. बैठक पूरे कोरम के साथ हुई। बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे को स्वीकार करने या ना करने पर विचार किया जाना था लेकिन के.पारासरण जी ने बताया कि ट्रस्ट के संविधान के अनुसार, किसी ट्रस्टी के त्यागपत्र देते ही स्वीकृत हो जाता है. इस वजह से हम लोगों के पास इस्तीफा स्वीकार कर लेने के अलावा दूसरा कोई विकल्प ही नहीं था. उन्होंने कहा कि के.पारासरण जी ने खुद ट्रस्ट के संविधान को पढ़कर सुनाया और कहा कि आप लोगों के पास कोई विकल्प नहीं है. जब त्यागपत्र दे दिया गया है तो उसे स्वीकार करना ही होगा। इसके बाद चंपत राय और अनिल मिश्र का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया.

चंपत राय का अभिनंदन भी: गोविंद देव गिरि ने कहा कि इस्तीफा स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था लेकिन बैठक में चंपत राय की सेवाओं के लिए उनका अभिनंदन भी किया गया. राम मंदिर के लिए उनके द्वारा किए गए योगदान को सराहा गया.

दान वाला रजिस्टर दिखाया: प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोविंद देव गिरि ने कहा कि इस मामले को लेकर समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है. आरोप लगाए जा रहे हैं कि केवल दानपात्रों में ही नहीं बल्कि कई कीमती वस्तुएं भी चोरी हुई हैं. उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के पास 2800 से अधिक वस्तुओं का विस्तृत रजिस्टर मौजूद है. रजिस्टर में दर्ज कुछ महत्वपूर्ण वस्तुओं को प्रमाण के तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया भी गया. गोविंद देव गिरि ने भरोसा दिलाया कि ट्रस्ट भविष्य में अधिक सतर्कता से काम करेगा. अंतरिम महासचिव बनाए गए कृष्ण मोहन ने भी कहा कि जहां कहीं लूप होंगे उन्हें ठीक किया जाएगा. उन्होंने माना कि कुछ खामियों की वजह से यह घटना हो सकी.

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