अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा SIT बनाने का आदेश दिया है. सोमवार दोपहर 3:30 बजे सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने कहा- नए सिरे से SIT बनाई जाए. सीनियर IPS अधिकारी टीम की अगुआई करें, ताकि जांच किसी निर्णायक स्तर तक पहुंचे.
CJI ने कहा- ‘हम केवल सावधान करना चाहते हैं. इस मामले में राजनीति न करें. पहली नजर में यह दंड कानून के तहत अपराध का मामला लगता है. इसकी निष्पक्ष, स्वतंत्र और पूरी ईमानदारी से जांच होनी चाहिए. जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए. बस हमारी यही बात है.’ कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता को यूपी सरकार से SIT के लिए नाम लेकर आने को कहा. अदालत अब 27 जुलाई को अगली सुनवाई करेगी. याचिकाकर्ताओं की तरफ से एडवोकेट देवदत्त कामत और अन्य शामिल थे..
रविवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई थी स्टेटस रिपोर्ट: स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने रविवार देर रात जांच की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी. रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई है। इससे पहले 13 जुलाई को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूपी, केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने SIT से स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी.
दरअसल, चढ़ावा चोरी से जुड़ी चार अलग-अलग याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं. इनमें जांच CBI को सौंपने के अलावा मंदिर में दान के प्रबंधन से जुड़े अलग-अलग विषयों की समीक्षा के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग की गई है.
















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