चीनी बाजार में तेजी का सिलसिला लगातार मजबूत होता जा रहा है. कमजोर बिकवाली और सीमित आपूर्ति के चलते चीनी के भाव में करीब 350 रुपये प्रति क्विंटल तक की तेजी दर्ज की गई है. सबसे बड़ी तेजी महाराष्ट्र में देखने को मिल रही है, जहां चीनी के भाव 550 से 650 रुपये उछलकर 6,350 से 6,600 रुपये प्रति क्विंटल की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए हैं.
महाराष्ट्र से मिल रही तेजी की खबरों और कमजोर बिकवाली का असर दूसरे बाजारों में भी दिखाई दे रहा है. अन्य बाजारों में चीनी के भाव 100 से 350 रुपये बढ़कर मिल डिलीवरी में 5,850 से 6,200 रुपये, जबकि हाजिर बाजार में 6,200 से 6,400 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं.
पिछले एक सप्ताह के दौरान चीनी के भाव में करीब 800 से 1,000 रुपये प्रति क्विंटल की जोरदार तेजी आ चुकी है. इससे बाजार में तेजी की मजबूत धारणा का अंदाजा लगाया जा सकता है.
बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने 10 लाख टन ड्यूटी-फ्री चीनी के आयात को मंजूरी दी है. हालांकि, फिलहाल इस फैसले का बाजार पर कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है. कमजोर बिकवाली और सीमित सप्लाई के कारण कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं. बाजार की नजर अब आयातित चीनी की वास्तविक सप्लाई पर रहेगी.
शक्कर और खांडसारी में भी तेजी: चीनी के साथ शक्कर और खांडसारी के भाव में भी करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई है. शक्कर के भाव बढ़कर 7,000 से 7,200 रुपये और खांडसारी के भाव 7,100 से 7,200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं. वहीं, स्टॉकिस्टों की कमजोर बिकवाली के चलते गुड़ के भाव में करीब 100 रुपये की तेजी आई है. गुड़ के भाव बढ़कर 6,700 से 7,100 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गए हैं.
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल कमजोर बिकवाली, सीमित आपूर्ति और मजबूत बाजार धारणा चीनी की कीमतों को सपोर्ट कर रही है. हालांकि, ड्यूटी-फ्री आयात की वास्तविक सप्लाई बाजार में पहुंचने के बाद ही कीमतों पर इसके प्रभाव की तस्वीर साफ होगी. फिलहाल चीनी बाजार में तेजी मजबूत बनी हुई है और भाव रिकॉर्ड स्तरों पर कारोबार कर रहे हैं.














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