फतेहपुर जनपद के धाता विकासखंड स्थित रोहिल्लापुर पौली साधन सहकारी समिति और किशनपुर थाना क्षेत्र की नरैनी साधन सहकारी समिति में भारी जलभराव के कारण बड़ी मात्रा में यूरिया और डीएपी खाद भीग गई. घटना से नाराज सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने समिति परिसर में प्रदर्शन कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई.
ग्रामीणों का आरोप है कि रोहिल्लापुर समिति के सामने बने बड़े नाले की वर्षों से सफाई नहीं कराई गई. बरसात का पानी नाले के जरिए समिति परिसर में भर गया, जिससे यूरिया और डीएपी खाद के सैकड़ों बोरे पानी में भीग गए. किसानों का कहना है कि इससे सरकारी संपत्ति के साथ-साथ किसानों के हितों को भी नुकसान पहुंचा है.

जर्जर भवन और जलनिकासी बनी समस्या: प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि दोनों समितियां जर्जर भवनों में संचालित हो रही हैं. सड़क ऊंची और समिति भवन नीचे होने के कारण हर वर्ष बारिश में परिसर में पानी भर जाता है. नालियों और नालों की नियमित सफाई न होने से इस बार हालात और गंभीर हो गए। किसानों का यह भी आरोप है कि भवनों की छत से पानी टपकने के कारण भी खाद खराब हुई है.

जांच और कार्रवाई की मांग: किसानों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, खराब हुई खाद का सही आकलन कराने और समिति परिसर से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की. साथ ही जर्जर भवनों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाने की भी मांग उठाई. किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

अधिकारियों ने दी यह जानकारी: नरैनी समिति के सचिव भगवत प्रसाद ने बताया कि समिति में करीब 600 बोरी यूरिया खाद रखी थी, जिनमें से कुछ बोरियां गीली हो गई हैं और उन्हें बाहर निकालकर सुरक्षित किया जा रहा है. एडीओ कोऑपरेटिव शरद विक्रम ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि समिति में उपलब्ध खाद का वितरण अगले दिन कराया जाएगा. मामले में संबंधित विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार है.
















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