सोमवती अमावस्या आज: तुलसी पर चढ़ाएं ये 5 चीजें, मां लक्ष्मी कर देंगी मालामाल

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इस साल की आखिरी अमावस्या आज 30 दिसंबर को है. वैदिक पंचांग के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की आखिरी तिथि को पौष अमावस्या मनाई जाती है. साल 2024 की आखिरी अमावस्या पर आज सोमवार का संयोग बन रहा है. इसलिए इसे सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के जानकारों के मुताबिक, अमावस्या के दिन माता तुलसी की उपासना बेहद शुभ फलदायी होती है.

सूर्य और चन्द्रमा के एक साथ होने से अमावस्या की तिथि होती है. इसमें सूर्य और चन्द्रमा के बीच का अंतर शून्य हो जाता है. यह तिथि पितरों की तिथि मानी जाती है. इसमें चन्द्रमा की शक्ति जल में प्रविष्ट हो जाती है. इस तिथि को राहु और केतु की उपासना विशेष फलदायी होती है. इस दिन दान और उपवास का विशेष महत्व होता है. इस दिन विशेष प्रयोगों से विशेष लाभ होते हैं.

अमावस्या पर कैसे पाएं धन प्राप्ति का वरदान?

इस दिन एक ताम्बे के पात्र में चावल भरें. उत्तर दिशा की ओर चेहरा करके बैठें. ताम्बे का पात्र सामने रखें. उस पात्र के अगल बगल दो दीपक जला दें. अब ताम्बे के पात्र पर हाथ रखकर धन प्राप्ति की प्रार्थना करें. दीपक बुझ जाने के बाद ताम्बे के पात्र के मुख पर लाल कपडा बांध दें. इस बर्तन को संभालकर रक्खें. धन की स्थिति ठीक हो जाने पर पात्र सहित चावल का दान कर दें.

अलग-अलग संकटों के महाउपाय

स्वास्थ्य समस्याओं से निजात खीर बनाकर शिवजी को अर्पित करें. कुछ अंश पितरों के नाम से भी निकालें. शिवजी को अर्पित की हुयी खीर निर्धनों में बांटें. पितरों की खीर किसी पशु को खिला दें. सफेद चन्दन की लकड़ी नीले धागे में बांधकर पहन लें.

पारिवारिक समस्या से मुक्ति स्नान करके नारंगी वस्त्र धारण करें. भगवान् शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करें. उनके समक्ष “ॐ गौरीशंकराय नमः” का जप करें. सात्विक भोजन बनाकर दान करें.

पति की दीर्घायु सम्पूर्ण श्रृंगार करके पीपल के वृक्ष की जड़ में जल और फूल अर्पित करें. इसके बाद पीपल के वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करें , हर परिक्रमा पर पीला सूत लपेटें. पीपल के वृक्ष के समक्ष सर झुकाएँ और प्रार्थना करें.

आर्थिक बाधाओं से छुटकारा पान के पत्ते पर धान और खड़ी हल्दी रक्खें. इसके बाद उस पान के पत्ते को तुलसी के पौधे के निकट रख दें. धन प्राप्ति की कामना करें.

सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी में कौन-कौन सी चीजें अर्पित करनी चाहिए, आइए जानते हैं-

लाल रंग का कलावा : सोमवती अमावस्या (30 दिसंबर 2024) के दिन तुलसी में लाल कलावा जरूर बांधना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन ऐसा करने से मां लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इसके अलावा हर मनोकामना पूरी होती है. 

लाल रंग की चुनरी : सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी माता को लाल रंग की चुनरी चढ़ाना शुभ फलदायी साबित होता है. मान्यता है कि इस दिन मां तुलसी को लाल रंग की चुनरी अर्पित करने से जीवन में धन-दौलत की कमी नहीं होती है.

घी का दीपक : सोमवती अमावस्या पर तुलसी में कच्चा दूध अर्पित करें. इसके साथ ही तुलसी के नीचे एक घी का दीया जलाएं. ऐसा करने के बाद उनके सामने प्रार्थना करें. कहा जाता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर मनोकामना पूर्ण कर देती हैं.

पीला धागा : सोमवती अमावस्या के दिन पीले रंग के धागे में या फिर कलावे में 108 गांठ लगाएं और फिर उसे तुलसी में बांध दें. ऐसा करने के साथ ही मां लक्ष्मी से अपने या घर-परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना करें. 

श्रृंगार के सामान : सोमवती अमावस्या पर तुलसी माता को श्रृंगार का सामान चढ़ाना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन माता तुलसी को श्रृंगार की सामग्रियां अर्पित करने से जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं. 

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