सनातन धर्म में जीवों को पालने व उनकी सेवा करने को एक पुण्य फलदायी काम बताया गया है. मान्यता है कि जानवरों को अन्न खिलाने से साक्षात ईश्वरीय आराधना जितना फल प्राप्ति होती है. जानवरों को खाना खिलाने से सोया भाग्य खुल जाता है और कम मेहनत से भी पूरा परिणाम प्राप्त होने लगता है. आइए इस लेख में उन पांच जानवरों के बारे में जानें जिनको हर दिन विशेषकर बुधवार के दिन हरा चारा और कच्ची हरी सब्जियां खिलाने से भाग्य खुल सकते हैं. इसके अलावा धन लाभ के योग भी बन सकते हैं.
गाय: सनातन धर्म में गाय केवल जानवर नहीं है बल्कि मां मानकर लोग गाय की पूजा भी करते हैं. गाय एक ऐसा पालतु जानवर है जिसे लेकर मान्यता है कि गाय में सभी देवी-देवताओं का वास होता है. गाय को जब हरी घास, चारा या कच्ची हरी सब्जी खिलाया जाता है, विशेषकर बुधवार के दिन तो ऐसा करने वाले लोगों पर सभी दैवीय शक्तियों की कृपा और आशीर्वाद होता है. गाय की सेवा करने व कच्ची हरी सब्जी खिलाने से घर में सुख और शांति बढ़ता रहता है.

हाथी: हाथी बुद्धि और शक्ति का प्रतीक है. श्री गणेश के रूप में भी हाथी का सम्मान किया जाता है. यही कारण है कि कई जगहों पर हाथी की पूजा करने का भी विधान है. कोई व्यक्ति जब हाथी को कच्ची हरी सब्जियां या हरा चारा खिलाता है तो उसे एक साथ शक्ति, बुद्धि और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. ऐसे लोगों पर गणेश जी की कृपा जीवनभर बनी रहती है.
बकरी: बकरी एक शाकाहारी जानवर है और इसकी प्रवृति शांत होती है. हर दिन या सप्ताह में दो दिन बुधवार और शुक्रवार को अगर कोई व्यक्ति बकरी को कच्ची हरी सब्जी या हर चारा खिलाता है तो उसके घर में संपन्नता आती है और नौकरी व व्यापार अपार सफलता मिलती है. तनाव दूर होता है.
घोड़ा: घोड़े की चाल और उसकी गति ही उसकी पहचान है. घोड़े थकते नहीं है और न तो हार मानने वाले जानवर हैं. यही घोड़े समृद्धि का भी प्रतीक हैं. ऐसे में जब कोई व्यक्ति घोड़े को कच्ची सब्जी खिलाता है या हरा चारा खिलाता है तो उसे जीवन में अपार सफलताएं प्राप्त होती हैं.
खरगोश: खरगोश एक बहुत प्यारा और चंचल जीव है जो तेज बुद्धि को भी दर्शाता है. खरगोश को सकारात्मक ऊर्जा के रूप में देखा जाता है और जब इसे हर दिन कच्ची सब्जियां खिलाई जाती है तो व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता आती है और सभी तरह के अशुभता प्रभाव व दोष का नाश होने लगता है.
















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