शुभ रवि योग में ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगल आज, जानें तीनों प्रहर के मुहूर्त व पूजन विधि

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 सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व माना गया है. इस महीने में आने वाले सभी मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के नाम से जाना जाता है. आज ज्येष्ठ महीने का तीसरा बड़ा मंगल है. यह पावन दिन संकटमोचन हनुमान जी की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है. मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही भक्तराज हनुमान की मुलाकात प्रभु श्री राम से हुई थी, इसलिए इस पूरे महीने बजरंगबली की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.

आज ज्‍येष्‍ठ महीने का तीसरा बड़ा मंगल तो है ही साथ अधिकमास की तृतीया तिथि है. बड़ा मंगलवार पर हनुमान जी की सच्‍चे मन से पूजा-अर्चना करें. व्रत रखें, चोला चढ़ाएं और गरीबों को दान दें. आज पूजा-पाठ के लिए शुभ माना गया रवि योग का संयोग भी बन रहा है.

इस दिन देश भर के हनुमान जी के मंदिर में भक्तो का तांता लग जाता है. जगह-जगह भंडारे आयोजित किए जाते हैं और राहगीरों को ठंडा पानी व शरबत पिलाया जाता है. यदि आप भी आज के दिन बजरंगबली को प्रसन्न करना चाहते हैं और अपने जीवन के सारे कष्ट दूर करना चाहते हैं, तो जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, सही विधि और कुछ अचूक उपाय.

पूजा का शुभ मुहूर्त:  तीसरे बड़े मंगल पर हनुमान जी की पूजा के लिए कई शुभ संयोग बन रहे हैं. वैसे तो बजरंगबली की पूजा पूरे दिन की जा सकती है, लेकिन सुबह और शाम का समय साधना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है.

सुबह का शुभ मुहूर्त: सुबह 05 बजकर 30 मिनट से लेकर सुबह 09 बजे तक पूजा का बहुत ही श्रेष्ठ समय है.

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 50 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा. इस समय में किए गए कार्य बेहद सफल होते हैं.

शाम की पूजा का समय: शाम को सूर्यास्त के बाद यानी 06 बजकर 45 मिनट से रात 08 बजकर 30 मिनट तक हनुमान चालीसा और आरती करना अत्यंत फलदायी रहेगा.

सरल पूजा विधि: आज के दिन हनुमान जी की कृपा पाने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र (संभव हो तो लाल या पीले रंग के) धारण करें. इसके बाद घर के मंदिर में या पास के किसी हनुमान मंदिर में जाकर इस विधि से पूजा करें. हनुमान जी की प्रतिमा के सामने हाथ जोड़कर बैठें और व्रत या विशेष पूजा का संकल्प लें. हनुमान जी के सामने गाय के घी का या चमेली के तेल का दीपक प्रज्वलित करें. फिर, बजरंगबली को गंगाजल से स्नान कराने के बाद उन्हें लाल रंग के फूल, गोमती चक्र या तुलसी दल अर्पित करें.

इसके बाद उन्हें चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर (चोला) चढ़ाएं. आज के दिन हनुमान जी को बूंदी के लड्डू, बेसन के लड्डू या फिर पुड़ी और हलवे का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है. आसन पर बैठकर श्रद्धापूर्वक हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें. अंत में कपूर जलाकर हनुमान जी की आरती करें और अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें.

सुख-समृद्धि और कष्ट निवारण के अचूक उपाय:

तुलसी के पत्तों की माला:  आज हनुमान जी को 108 तुलसी के पत्तों पर चंदन से ‘श्री राम’ लिखकर उनकी माला पहनाएं. इससे धन संबंधी सभी परेशानियां दूर होती हैं.

सुंदरकांड का पाठ:  यदि घर में अशांति या नकारात्मक ऊर्जा का वास है, तो आज शाम को पूरे परिवार के साथ बैठकर सुंदरकांड का पाठ करें.

पीपल के पेड़ का उपाय:  आज शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान जी का स्मरण करें. इससे शनि दोष और राहु-केतु के बुरे प्रभाव से मुक्ति मिलती है.

भंडारा और दान:  बड़े मंगल पर भूखे और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना, पूड़ी-सब्जी का प्रसाद बांटना या राहगीरों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है. इससे हनुमान जी तुरंत प्रसन्न होते हैं.

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