रिजवान उददीन, फतेहपुर।
UP की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि एसआईआर का कार्य लगातार चल रहा है और यह स्पष्ट हो चुका है कि देश में अवैध रूप से घुसे लोगों की पहचान की जा रही है. उन्होंने कहा कि जो घुसपैठिए हैं, उन्हें बाहर निकालने का काम सरकारें कर रही हैं, इसलिए एसआईआर का विरोध नहीं किया जाना चाहिए.
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जनपद फ़तेहपुर पहुंची. जहां वीआईपी रोड स्थित सरस्वती बलिका विद्या मंदिर इंग्लिश मीडियम के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट वितरण किया. इसके बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम में महिलाओं को संबोधित किया जिसमें केंद्र व राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं, बालिका शिक्षा, दहेज उत्पीड़न, बालिकाओं को तकनीकी रूप से दक्ष करने, जमीनी विवाद, यौन उत्पीड़न जैसे विषयों पर संबोधित किया.
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित भव्य समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद्, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एसआईआर अभियान को लेकर कहा कि इसका विरोध का न कीजिए, घुसपैठिए है जिनको सरकार बाहर निकालने का काम कर रही है.
आंगनबाड़ी व्यवस्था पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि शून्य से छह वर्ष तक के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं, लेकिन लंबे समय तक इन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े कॉलेज, विश्वविद्यालय और अधिकारियों के भवन तो सुविधाओं से युक्त हैं, लेकिन जहां छोटे बच्चे पढ़ते और आते हैं, वहां आवश्यक सुविधाओं का अभाव रहा. इसी कमी को दूर करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने की पहल की गई.
राज्यपाल ने बताया कि वर्ष 2019 में पदभार संभालने के बाद आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है. बजट की सीमाओं को देखते हुए जनसहयोग के माध्यम से कार्य शुरू किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 50 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में 22 से 25 हजार रुपये मूल्य के करीब 22 प्रकार के आवश्यक संसाधन पहुंचाए जा चुके हैं.
उन्होंने अपने संबोधन में बेटियों को एचपीवी वैक्सीन दिए जाने के अभियान का भी उल्लेख किया. राज्यपाल ने जिला अधिकारी से आग्रह किया कि जनसहयोग के माध्यम से सरस्वती विद्या मंदिर और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में अध्ययनरत सभी पात्र छात्राओं को प्राथमिकता के आधार पर यह टीका लगाया जाए. इसके साथ ही उन्होंने पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि पुलिस कॉलोनियों का सर्वे कराकर वहां रहने वाली 9 से 15 वर्ष आयु की बच्चियों की सूची तैयार की जाए और उनका टीकाकरण कराया जाए.
राज्यपाल ने कहा कि पुलिसकर्मी चौबीस घंटे जनता की सुरक्षा में लगे रहते हैं, इसलिए उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी समाज और सरकार का दायित्व है. उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य बेटियों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाना और उन्हें स्वस्थ भविष्य देना है.
















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