लखनऊ के विभूतिखंड में निर्माणाधीन पांच सितारा न्यू ताज होटल के बेसमेंट-वन में शुक्रवार शाम मशीन से निकली चिनगारी से आग लग गई। घटना के समय बेसमेंट में करीब दो सौ और ऊपर के 16 तलों में मिलाकर 500 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे। आग से बेसमेंट में रखे तारपीन, केमिकल और पेंट के ड्रमों में ताबड़तोड़ धमाके होने लगे। इससे मजदूरों में भगदड़ मच गई। सभी सुरक्षित बाहर आ गए। चार फायर स्टेशनों के दमकल कर्मी और एसडीआरएफ की टीम देर रात तक आग बुझाती रहीं। वहीं आस-पड़ोस की इमारतों में काम करने वाले भी आफिसों से निकलकर बाहर सड़क पर आ गए।
निर्माणाधीन न्यू ताज होटल के बेसमेंट वन में शुक्रवार शाम करीब चार बजे पत्थर कटाई चल रही थी। इस बीच निकली चिनगारी तारपीन के ड्रम में पड़ गई। इससे अचानक आग का भभका निकला और धूधूकर जलने लगा। देखते-देखते आग विकराल हो उठी। बेसमेंट में चीख पुकार मच गई। काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ मच गई। वे गिरते-पड़ते चीख पुकार करते हुए भागे। उधर, ऊपर के तलों पर भी काम कर रहे मजदूर चीख-पुकार करते हुए भागे। काला धुएं बेसमेंट से निकलकर ऊपर पहुंचने लगा। लोगों ने घटना की जानकारी दमकल को दी। इमारत में लगे इंजीनियर, ठेकेदार और मजदूर मिलाकर करीब 500 से अधिक लोग आनन-फानन निकलकर बाहर आ गए।
धमाको से फटे केमिकल और पेंट के ड्रम: सूचना पर इंस्पेक्टर विभूतिखंड अमर सिंह, एफएसओ इंदिरानगर केके सिंह, गोमतीनगर, हजरतगंज, सरोजनीनगर और आलमबाग की टीमें पहुंचीं। आग बुझानी शुरू की, तब तक बेकाबू हो चुकी थी। बेसमेंट और स्टोर में रखे तारपीन, केमिकल और पेंट के ड्रम आग की तपिश से ताबड़तोड़ धमाकों के साथ फटने लगे। इससे दहशत फैल गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल भी पहुंच गए। उन्होंने लोगों को ढाढस बंधाते हुए शांत कराया। आस पड़ोस की इमारतों में स्थित आफिसों से भी सैकड़ों लोग निकलकर सड़क पर आ गए। देर रात तक दमकल और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) फायर फाइटिंग करती रहे।
धुआं बना बाधा :अग्निकांड के दौरान पूरी इमारत में काला और दमघोंटू धुआं फैल गया था। धुआं कई किमी दूर से दिखाई दे रहा था। दमकल कर्मी धुएं और आग की तपिश के कारण पहले अंदर नहीं जा पा रहे थे। इसके बाद ब्रीदिंग ऑपरेटस (बीए सेट) पहना और मास्क लगाकर अंदर दाखिल हुए। वहीं, इमारत और बेसमेंट से धुआं निकालने के लिए दमकल कर्मियों ने स्मोक एक्जास्टर लगाया। उससे धुआं निकाला।
एसडीआरएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशन: सुरक्षा के दृष्टिगत एसडीआरएफ को भी बुलाया गया। एसडीआरएफ ने बेसमेंट और ऊपर के तलों पर सर्च आपरेशन चलाया। हालांकि वहां कोई फंसा हुआ नहीं मिला। इसके बाद टीम ने राहत की सांस ली। सुरक्षा के मद्देनजर एंबुलेंस भी मौके पर बुला ली गई थी।
सिक्योरिटी गार्ड ने बंद किए होटल के दरवाजे: आग लगने के बाद सिक्योरिटी गार्ड ने न्यू ताज होटल के सभी दरवाजे बंद कर दिए। होटल के अंदर सिर्फ पुलिस, दमकल कर्मियों और होटल के स्टॉफ का आना जाना था। कई बार तो सिक्योरिटी गार्ड ने मीडिया कर्मियों से धक्कामुक्की की। पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद मीडिया कर्मी किसी तरह आग की घटना को कवर कर सके।
होटल की पीएनजी लाइन की बंद: न्यू ताज होटल के मुख्य गेट के पास पीएनजी पाइप लाइन निकली हुई थी, जिसका कनेक्शन होटल में है। घटना की जानकारी मिलने पर पीएनजी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पीएनजी पाइप कनेक्शन को बंद किया। पीएनजी के अधिकारी ने बताया कि होटल के अधिकाश खंड में पीएनजी पाइप लाइन का कनेक्शन है।
पुलिस ने रास्ता किया बंद: न्यू ताज होलट में आग लगने के बाद पुलिस ने विभूतिखंड थाने की ओर आने-जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया, जिससे दमकल की गाड़ियों को आने जाने में कोई दिक्कत न हो। गली में खड़ी बाइकों और कारों को हटवाया। होटल से भीषण धुआं निकलता देखकर आसपास के दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर चले गए।
पांच सौ रुपये मिलती थी मजदूरी: होटल में काम करने वाले बिजली मस्त्री संजीवन ने बताया कि बेसमेंट चार मंजिला है। वह बेसमेंट तीन में बिजली का काम कर रहे थे। बेसमेंट वन में पत्थर कटाई का काम चल रहा था। वह करीब दो माह से होटल में काम कर रहे हैं। पांच सौ रुपये मजदूरी मिलती है। कई और मजदूर हैं, उन्हें भी पांच सौ रुपये मजदूरी मिलती है। निर्माणाधीन होटल में अग्निशमन यंत्र नहीं थे। अगर अग्निशमन यंत्र होते तो आग पर काबू पा लिया जाता।
















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