पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बन रही बाबरी मस्जिद को लेकर लखनऊ में कई जगहों पर पोस्टर लगे हैं. जिसमें लिखा गया है कि हुमायूं हम आएंगे, बाबरी फिर से गिराएंगे. बटोंगे तो कटोगे. इन पोस्टर्स में ये भी लिखा है कि हिंदुओं की विरोधी सरकार में इस बार मुर्शिदाबाद में आर पार होगा.
बाबरी मस्जिद को लेकर लखनऊ में लगे पोस्टर: जानकारी के मुताबिक, विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने इन पोस्टर्स को लगाया है. पोस्टर लगाने के साथ ही 10 फरवरी को मुर्शिदाबाद जाने का भी ऐलान कर दिया है. लखनऊ के 1090 चौराहा, अंबेडकर चौराहा, हजरत गंज चौराहे के साथ-साथ शहर के अलग-अलग हिस्सों में पोस्टर लगाए गए है. पोस्टर में हुमायूं कबीर को मुगल आक्रांता के रूप में दिखाया गया है. पोस्टर में ममता बनर्जी की फोटो भी लगाई गई है.
अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर निर्माण: आपको बता दें, 11 फरवरी से मुर्शिदाबाद के बेलडांगा (Beldanga) में नई बाबरी मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू होने वाला है. यह अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर बनाया जा रहा है. 6 दिसंबर 2025 को इस मस्जिद की आधारशिला (foundation stone) बाबरी मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी पर रखी गई थी. प्रस्तावित मस्जिद 25 बीघा जमीन पर बनाई जा रही है.
5 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा इकट्ठा: आने वाले समय में वहां एक 500 बेड वाला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और अन्य सुविधाएं बनाने की भी योजना है. मस्जिद निर्माण के लिए अब तक 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा इकट्ठा किया गया है. आधारशिला कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने साथ ईंटें लेकर पहुंचे थे. भरतपुर निर्वाचन क्षेत्र के विधायक हुमायूं कबीर इस परियोजना का नेतृत्व कर रहे हैं. जिसके चलते तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था.
विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों को आपत्ति शिलान्यास समारोह के दौरान यहां भारी सुरक्षा बलों की तैनाती हुई थी. ताकि कोई सांप्रदायिक तनाव न हो. इस मस्जिद के नाम और निर्माण की तारीख पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) जैसे संगठनों ने आपत्ति जताई है, इसे कानून का उल्लंघन बताया है. शुरू-शुरू में जमीन को लेकर कुछ विवाद भी हुए. कई किसानों ने अपनी जमीन देने से साफ इनकार कर दिया. हालांकि, इस मस्जिद को लेकर विवाद अभी भी थमा नहीं है. अब एक नया हंगामा शुरू हो गया है.
















Leave a Reply