पुस्तक विवाद पर जनरल नरवणे ने तोड़ी चुप्पी, बताया कि स्थिति क्या है और लिखा क्या ?

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पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर जारी राजनीतिक विवाद और प्रकाशक की तरफ से 24 घंटे के अंदर दो बार आए स्पष्टीकरण के बाद जनरल नरवणे ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पेंगुइन का एक नोट साझा करते हुए लिखा है, “किताब की यही स्थिति है.” एक तरह से जनरल नरवणे ने प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का बयान सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी आत्मकथा अब तक प्रकाशित नहीं हुई है और पुस्तक की कोई भी अधिकृत प्रति सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है.

पेंगुइन ने क्या लिखा था? पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कल एक वक्तव्य जारी कर स्थिति पर सफाई पेश की थी, जिसमें कहा गया था कि उसके पास जनरल नरवणे के संस्मरण ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के एक्सक्लूसिव पब्लिशिंग राइट्स हैं, और किताब अभी तक किसी भी रूप में पब्लिश नहीं हुई है. पेंगुइन ने बयान में लिखा था कि यह पुस्तक अब तक न तो मुद्रित रूप में, न डिजिटल स्वरूप में प्रकाशित, वितरित या बिक्री के लिए उपलब्ध कराई गई है. प्रकाशक ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि पुस्तक की कोई भी प्रति—चाहे पूर्ण हो या आंशिक, और किसी भी प्रारूप या मंच पर—प्रचलन में पाई जाती है, तो वह सीधे तौर पर कॉपीराइट उल्लंघन के दायरे में आएगी. पेंगुइन ने यह भी चेतावनी दी कि इस तरह के किसी भी अवैध या अनधिकृत प्रसार के खिलाफ कानून के तहत उपलब्ध सभी उपाय अपनाए जाएंगे.

24 घंटे के अंदर दूसरा स्पष्टीकरण पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने 24 घंटे के अंदर मंगलवार को इस मामले में दूसरी बार सफाई पेश की और साफ शब्दों में कहा है कि किसी पुस्तक को तब तक ‘प्रकाशित’ नहीं माना जा सकता, जब तक वह सभी खुदरा माध्यमों पर बिक्री के लिए उपलब्ध न हो. मंगलवार को जारी अपने नए स्पष्टीकरण में पेंगुइन ने कहा कि घोषित शीर्षक, प्री-ऑर्डर लिस्टिंग और वास्तविक प्रकाशन- ये तीन अलग-अलग चरण होते हैं। केवल प्री-ऑर्डर लिंक उपलब्ध होने का अर्थ यह नहीं है कि पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है.

जनरल नरवणे की चुप्पी तोड़ना अहम ऐसे में जनरल नरवणे द्वारा इस स्पष्टीकरण को साझा किया जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रकाशक के रुख पर सवाल उठाते हुए कथित विरोधाभास की ओर इशारा किया था। राहुल गांधी ने जनरल नरवणे के वर्ष 2023 के एक सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया था, जिसमें लिखा था- “हैलो फ्रेंड्स, मेरी किताब अब उपलब्ध है। लिंक फॉलो करें. हैप्पी रीडिंग. जय हिंद।” राहुल गांधी का दावा है कि यह संदेश दर्शाता है कि पुस्तक आम पाठकों के लिए उपलब्ध कराई जा चुकी है. उन्होंने यहां तक कहा कि या तो जनरल नरवणे या फिर पेंगुइन “सच नहीं बोल रहा.”

हाल के दिनों में राजनीतिक विवाद की जड़ बता दें कि जनरल नरवणे की प्रस्तावित आत्मकथा हाल के दिनों में राजनीतिक विवाद के केंद्र में रही है. संसद में इस पुस्तक के कथित उद्धरणों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली थी। बहरहाल, प्रकाशक के इस दोहराए गए स्पष्टीकरण के बाद अब यह बात रिकॉर्ड पर दर्ज हो गई है कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ अभी औपचारिक रूप से पाठकों तक नहीं पहुँची है. इसके बावजूद पुस्तक से जुड़े संदर्भों और कथनों को लेकर मचा राजनीतिक घमासान थमता नहीं दिख रहा.

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