बॉलीवुड के कॉमेडी किंग राजपाल यादव चेक बाउंस होने के मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं. दिल्ली हाई कोर्ट ने तिहाड़ जेल के सुपरिटेंडेंट के सामने सरेंडर करने को कहा था. उनके जेल जाने के बाद से शाहजहांपुर में उनके पैतृक आवास पर मायूसी छाई हुई है. वहीं, राजपाल यादव की शाहजहांपुर में संपत्ति को लेकर चौंकाने वाले दावे किए जा रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि राजपाल यादव के पास उनके गृह जनपद शाहजहांपुर में लगभग 200 करोड़ की संपत्ति है. लेकिन उनकी नीयत पैसा चुकाने की नहीं है.
अता-पता लापता फिल्म बनाने के लिए मांगे थे रुपये: बता दें कि अभिनेता राजपाल यादव शाहजहांपुर मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर बंडा ब्लाक के कुंडरा गांव के रहने वाले हैं. चेक बाउंस के मामले में राजपाल यादव पहले ही एक बार जेल जा चुके हैं. चेक बाउंस के मामले में शाहजहांपुर के ही रहने वाले एक उद्योगपति से उन्होंने फिल्म अता-पता लापता बनाने को लेकर पैसा लिया था. भुगतान के लिए उन्होंने चेक दिया था, जो बाउंस हो गया था. इसी मामले में पहले ही राजपाल यादव को जेल भेजा गया था.
शाहजहांपुर में 200 करोड़ की संपत्ति: जमानत शर्तों के आधार पर उन्हें जमानत मिली थी. बताया जा रहा है कि राजपाल यादव के पास शाहजहांपुर में 200 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी है. शहर के पाश इलाके में 50 से 60 करोड़ की कीमत का प्लॉट है. गांव में 200 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 40 करोड़ है. लगभग 50 करोड़ की कीमत की कोठी पर काम चल रहा है, जो कि 8 एकड़ में फैली हुई है. इसके अलावा और भी कई बेनामी संपत्ति उनके पास है.
पैसा चुकाने की नीयत साफ नहीं? कहा जा रहा है कि इसके अलावा और भी कई बेनामी संपत्ति उनके पास हैं. अगर राजपाल चाहते तो चेक बाउंस मामले में उसकी कीमत को पहुंच चुका सकते थे, लेकिन इतनी प्रॉपर्टी होने के बावजूद ऐसा कहा जा सकता है कि पैसा चुकाने की उनकी नियत साफ नहीं थी. राजपाल यादव ने कई बार कर देने वाली कंपनी को भी पैसा चुकाने का वादा किया, लेकिन हर बार उनका वादा झूठा निकला. राजपाल यादव लगातार कोर्ट को भी गुमराह करते रहे. नाराज होकर कोर्ट ने राजपाल यादव को तिहाड़ जेल के सुपरिंटेंडेंट के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया था.
तिहाड़ जेल में बंद हैं अभिनेता राजपाल यादव: इसके बाद से पिछले 6 दिनों से राजपाल यादव तिहाड़ जेल में बंद हैं. हालांकि फिल्मी सितारे और सोशल मीडिया राजपाल यादव के प्रति सहानुभूति जाहिर कर रही है, लेकिन हकीकत इस सहानुभूति से कुछ अलग ही है. राजपाल यादव के पास ना ही पैसे की कमी है और ना ही प्रॉपर्टी की. जानकारों की मानें तो राजपाल यादव इवेंट के नाम पर हर महीने करोड़ों रुपये कमाते हैं, लेकिन महज 5 करोड़ रुपये के लिए उन्हें जेल जाना पड़ा है.
किसने कितनी मदद का ऐलान किया? जानकारी के मुताबिक, राव इंदरजीत सिंह ने जेम ट्यून्स परिवार की ओर से राजपाल यादव को 1.11 करोड़ रुपये की लीगल मदद देने का ऐलान किया है. जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने राजपाल यादव को 11 लाख रुपये की मदद देने का ऐलान किया है. केआरके ने राजपाल यादव को 10 लाख रुपये देने का ऐलान किया है.
इन्होंने भी मदद के लिए आगे बढ़ाया हाथ: इसके अलावा गुरमीत चौधरी, अभिनेता सलमान खान, वरुण धवन, अजय देवगन, गुरु रंधावा और सोनू सूद ने भी मदद का हाथ आगे बढ़ाया है. बता दें कि राजपाल यादव को मदद देने के लिए कई लोग सामने आए. अभी तक 1.32 करोड़ रुपये की मदद देने की घोषणा की गई है. वहीं, राजपाल यादव के मैनेजर ने बताया कि 12 फरवरी को रिहाई पर सुनवाई होनी है. इससे पहले तक राजपाल यादव को 9 करोड़ रुपये की रकम जमा करनी होगी.
पूरा विवाद क्या है? दरअसल, साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ को फाइनेंस करने के लिए मुरली प्रोजेक्टस प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे. फिल्म कमाल नहीं कर पाई और फ्लॉप हो गई. इसके बाद उधार लिए हुए रुपये को वह चुका नहीं पाए. इसी दौरान उधार चुकाने के लिए राजपाल यादव की तरफ से दिए गए कई चेक बाउंस हो गए. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अक्टूबर 2025 में रजिस्ट्रार जनरल के पास 75 लाख रुपये के दो डिमांड ड्राफ्ट जमा किए गए थे. 9 करोड़ रुपये देना बाकी है.
















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