बहराइच में जंगली हाथी का तांडव, बाइक से जा रहे मां-बेटों पर किया हमला; महिला की मौके पर ही मौत

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UP के बहराइच से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के बिछिया-मिहींपुरवा मार्ग पर शनिवार को शाम टस्कर जंगली हाथी ने बाइक से जा रहे मां-बेटों पर हमला कर दिया. बाइक से गिरी की मां को रौंद दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दोनों बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए. ग्रामीणों ने हांका लगाकर हाथी को खदेड़ा। उधर, सूचना पर वन व पुलिस महकमे की टीम पहुंची. घायलों को मोतीपुर सीएचसी लाया गया है.

लखीमपुर जिले के पढ़ुआ थाने के पारसपुरवा की रहने वाली 45 साल की मुन्नी देवी अपने दो बेटों करन और अर्जुन के साथ गांव आ रही थीं. इस बीच सुजौली थाने के निशानगाढ़ा रेंज के मोटे बाबा मंदिर के पास जंगल से निकले एक हाथी ने बाइक पर हमला कर दिया. बाइक उछल कर मुन्नी देवी दूर जा गिरी. इस पर हाथी ने उन्हें उठाकर फेंक दिया जिससे उनकी मौत हो गई. इस बीच बाइक के पीछे आ रहे अन्य लोगों ने शोर मचाया. तब हाथी जंगल में चला गया। हादसे की सूचना पर वन व पुलिस महकमे की टीम पहुंची. तब तक मुन्नी देवी की मौत हो चुकी थी.

घायल करन व अर्जुन को एंबुलेंस से मोतीपुर सीएचसी भेज दिया गया. वन विभाग की टीम ने गश्त बढ़ा दी है. हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. साथ ही ग्रामीणों से जंगल क्षेत्र से सटे मार्गों पर सावधानी बरतने की अपील की गई है.

हाथी के हमले में मौत के बाद वन विभाग अलर्ट: हाथी के हमले में महिला की मौत के बाद वन विभाग और वन्यजीव से जुड़ी संस्थाएं सक्रिय हो गई हैं. घटना के बाद क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए जा रहे हैं.

घटना के बाद वन विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर लोगों को एहतियाती उपायों की जानकारी दी. हाथी प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है. टीम द्वारा गोला और पटाखों के माध्यम से हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर खदेड़ने का कार्य भी किया जा रहा है ताकि किसी अन्य अप्रिय घटना को रोका जा सके.

क्षेत्रीय वन अधिकारी आशीष गोंड ने बताया कि हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जंगल से सटे मार्गों पर समूह में चलें रात के समय अनावश्यक आवागमन से बचें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें. प्रभावित परिवार को शासन की ओर से निर्धारित सहायता दी जाएगी.

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