तिहाड़ जेल से निकलते ही कैमरे पर बोले राजपाल यादव, बॉलीवुड-बच्चे-बूढ़े और…

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एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है और वे तिहाड़ जेल से रिहा हो गए हैं, जेल से बाहर आने के बाद एक्टर राजपाल यादव ने कहा, मैं 2027 में मुंबई में बॉलीवुड में 30 साल पूरे कर लूंगा. देशभर के लोग, बच्चे, बूढ़े और जवान, सभी मेरे साथ हैं. जिस तरह से पूरे देश और दुनिया, बॉलीवुड के लोगों ने मुझे प्यार दिया है. अगर मेरे खिलाफ कोई आरोप हैं तो मैं जवाब देने के लिए तैयार हूं. इसके साथ ही उन्होंने हाईकोर्ट अपने वकील और बॉलीवुड के साथियों और फैंस का धन्यवाद किया.

12 दिन तिहाड़ जेल में रहे राजपाल यादव: राजपाल यादव ने 2010 में अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लिए गए लोन न चुका पाने के बाद 12 दिन तिहाड़ जेल में बिताए. तब से अभिनेता लगातार आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं. एक्टर ने कहा कि मुझे बॉलीवुड में करीब 30 साल होने वाले हैं. जब से यह मामला शुरू हुआ है तब से 250 से 300 फिल्में कर चुका हूं. पूरे देश की जनता का प्यार मिला. एक्टर ने कहा कि बचपन से लेकर 55 तक लोगों का मुझे प्यार मिला है. उन्होंने कहा कि मेरा लोगों के साथ एंटरटेनमेंट के ब्लड सर्कुलेशन जैसा रिश्ता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल के दौरान जहां-जहां भी हाईकोर्ट ने मुझे पेश होने का आदेश दिया, वहां-वहां पेश हुआ. आगे भी कोर्ट के आदेश का पूरा सम्मान करूंगा.

राजपाल यादव को जमानत मिलने की वजह: बता दें कि 19 फरवरी को राजपाल यादव को उनकी भतीजी की शादी में शाहजहांपुर में शामिल होने के लिए जमानत दी गई है. राजपाल यादव के वकील ने HC में कहा कि उन्होंने 1.5 करोड़ का डीडी जमा करा दिया है. वहीं HC से उन्हें पासपोर्ट जमा करने और बिना इजाजत देश से बाहर नहीं जाने का आदेश दिया है. इस मामले में अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी.

क्या है राजपाल यादव का चेक बाउंस केस ? यह मामला 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ और वे कर्ज नहीं चुका सके.

इसके बाद उनके खिलाफ चेक बाउंस की शिकायतें दर्ज की गईं. अप्रैल 2018 में, एक मजिस्ट्रेट अदालत ने यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की कैद की सजा सुनाई. 2019 में एक सत्र न्यायालय ने इस फैसले को बरकरार रखा. 2024 में, अदालत ने उनकी सजा को निलंबित करके और उन्हें बकाया राशि को चुकाने को कहा, जो कर्ज बढ़कर 9 करोड़ रुपये हो गया था. राजपाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की.

कोर्ट ने क्या कहा? हाईकोर्ट ने जून 2024 में विवाद सुलझाने के लिए ईमानदारी से प्रयास करने की शर्त पर उनकी सजा निलंबित कर दी थी. हालांकि, कोर्ट ने राजपाल यादव द्वारा भुगतान संबंधी वचन का बार-बार उल्लंघन करने पर ध्यान दिया. न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने ‘कड़ी आपत्ति’ व्यक्त करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के किसी विशेष पृष्ठभूमि या उद्योग से संबंधित होने मात्र से कोर्ट से विशेष परिस्थितियां बनाने की अपेक्षा नहीं की जा सकती.

राजपाल यादव के वरिष्ठ वकील ने सरेंडर करने के कोर्ट के आदेश को वापस लेने की दया याचिका दायर करते हुए कहा कि एक्टर रुपयों की व्यवस्था कर रहे हैं और तुरंत 25 लाख रुपये जमा करने के लिए तैयार हैं. वकील ने यह भी बताया कि दोनों पक्षों ने अस्थायी रूप से भुगतान अनुसूची तैयार कर ली है.

हालांकि, कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया, यह देखते हुए कि यादव को पहले ही 4 फरवरी को शाम 4 बजे तक सरेंडर करने के निर्देश दिए गए थे. न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा कि सरेंडर करने के बाद ही उनकी सुनवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि कोर्ट से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह किसी व्यक्ति के लिए केवल इसलिए विशेष परिस्थितियां दिखाए या बनाए क्योंकि वह किसी विशेष पृष्ठभूमि या उद्योग से संबंधित है. हालांकि कभी-कभी नरमी जरूरी होती है, लेकिन इसे अनिश्चित काल तक नहीं बढ़ाया जा सकता, विशेषकर तब जब लगातार नियमों का पालन न किया जा रहा हो.

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि रजिस्ट्रार जनरल के पास पहले जमा की गई राशि शिकायतकर्ता कंपनी को जारी की जाए. कोर्ट ने कहा कि 75 लाख रुपये के दो डिमांड ड्राफ्ट अक्टूबर 2025 में जमा किए गए थे. इसके बावजूद, लगभग 9 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ. कोर्ट द्वारा समय सीमा बढ़ाने से इनकार करने के बाद, यादव ने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह कानून के अनुसार सरेंडर के बाद उचित आवेदन दाखिल कर सकते हैं.

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