पूरे साल निगेटिविटी से बचना है तो होलाष्टक के 8 दिनों में कर लें ये काम, आएगी पॉजिटिव एनर्जी

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फाल्‍गुन पूर्णिमा की रात को होलिका दहन होता है और इसके अगले दिन होली खेली जाती है. लेकिन होली के पावन पर्व से पहले 8 दिन के होलाष्‍टक लगते हैं. ये वो 8 दिन हैं जब भगवान विष्‍णु के परम भक्‍त प्रहलाद को मारने के लिए यातनाएं दी गई थीं. इसलिए इन 8 दिनों में कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. साथ ही ज्‍योतिष के अनुसार इन 8 दिनों में ग्रह उग्र रहते हैं, जिससे इस दौरान किए गए शुभ कामों का भी अशुभ फल मिलता है. हालांकि जीवन से नकारात्‍मकता को दूर करने और भगवान की भक्ति करने के लिए यह समय बहुत अच्‍छा होता है. जानिए इस साल होलाष्‍टक कब से लग रहे हैं और इस दौरान किए गए कौनसे उपाय नकारात्‍मकता से निजात दिलाते हैं.

ग्रहों की उग्रता और ज्योतिषीय दृष्टिकोण: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होलाष्टक के आठ दिनों में सौरमंडल के आठ प्रमुख ग्रह उग्र अवस्था में रहते हैं. अष्टमी को चंद्रमा, नवमी को सूर्य, दशमी को शनि, एकादशी को विष्णु (बुध), द्वादशी को गुरु बृहस्पति, त्रयोदशी को शुक्र, चतुर्दशी को मंगल और पूर्णिमा को राहु का प्रभाव नकारात्मक दिशा में होता है. ग्रहों की इस उग्रता के कारण व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता और मानसिक शांति प्रभावित हो सकती है. जब ग्रह अनुकूल स्थिति में नहीं होते, तो उस समय शुरू किए गए विवाह, मुंडन या गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों में अड़चनें आने का डर रहता है. इसलिए, इस काल में मन की सहजता बनाए रखने और धैर्य से काम लेने की सलाह दी जाती है.

होलाष्‍टक कब से शुरू हैं? पंचांग के अनुसार इस साल होलाष्‍टक 24 फरवरी 2026 से शुरू होंगे और 3 मार्च 2026 तक चलेंगे. 3 मार्च को होलिका दहन होने के साथ ही होलाष्‍टक समाप्‍त हो जाते हैं.

होलाष्‍टक के उपाय: होलाष्‍टक के दौरान कुछ ऐसे उपाय करें जो घर की नकारात्‍मक ऊर्जा को बाहर करेंगे, बल्कि पूरे साल निगेटिविटी से बचाव भी करेंगे. इसके लिए ये ताकतवर उपाय आजमा लें.

➤होलाष्टक के दौरान रोजाना सुबह स्‍नान करने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें. ऐसा करने से घर पवित्रता और सकारात्मकता रहती है और निगेटिव एनर्जी दूर होती है.
➤होलाष्‍टक के दौरान घर में सुबह-शाम गुग्गुल, लोबान, धूप या कपूर जलाएं. ऐसा करने से भी नकारात्मकता दूर होती है. यह उपाय आप आम दिनों में भी रोजाना कर सकते हैं. इससे घर में बरकत आती है.
➤होलाष्टक के दौरान घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर हल्दी और कुमकुम का छिड़काव करें. इससे घर में बुरी शक्तियां प्रवेश नहीं कर पाती हैं. चूंकि होली के आसपास नकारात्‍मक शक्तियों की सक्रियता बढ़ जाती है, ऐसे में यह उपाय घर के लोगों को इनसे बचाता है.
➤होलाष्टक के दौरान रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें. बल्कि नियम लेकर लगातार 11, 21 या 108 बार हनुमान चालीसा पढ़ें.
➤सनातन धर्म में हर व्रत-त्‍योहार दान-पुण्‍य के बिना अधूरा है. होलाष्‍टक के दौरान भी गरीब और जरूरतमंदों के अन्न, धन और वस्त्र का दान करें. इससे घर में धन-समृद्धि बढ़ती है.

अशुभ समय में सावधानी और आध्यात्मिक उपाय: होलाष्टक के दौरान यदि आप कुछ सावधानियां बरतते हैं, तो इसके नकारात्मक प्रभाव से बच सकते हैं. इस समय में तामसिक भोजन और नशीले पदार्थ का त्याग करना चाहिए ताकि ग्रहों की उग्रता आपके व्यवहार पर हावी न हो. यह समय नए कार्यों के लिए मना है, लेकिन मंत्र जाप, ध्यान और दान के लिए इसे अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है. “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करना या हनुमान चालीसा का पाठ करना घर के वातावरण में शांति का संचालन करता है. इस समय को अपनी आंतरिक शक्ति बढ़ाने और नकारात्मकता को दूर करने के लिए प्रयोग करना सबसे उत्तम होता है, जिससे होली के बाद जीवन में नई ऊर्जा का प्रवेश हो सके.

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