पश्चिम एशिया में जारी संकट के आगे लगातार जारी रहने की आशंका बढ़ गई है. गुरुवार को ईरान की तरफ से अमेरिका के शांति प्रस्ताव को एकतरफा और अनुचित बताते हुए खारिज कर दिया गया है. हालांकि, तेहरान की तरफ से कहा गया है कि अगर अमेरिका जमीनी हकीकत के आधार पर कोई प्रस्ताव रखता है, तो उस पर शांति का रास्ता निकल सकता है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक एक ईरानी अधिकारी ने स्वीकार किया कि अमेरिका का सीजफायर प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से तेहरान पहुंचा था, जिस पर बुधवार रात ईरान के शीर्ष अधिकारियों और सुप्रीम लीडर ने विस्तार से चर्चा की. अमेरिका द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए ईरानी अधिकारी ने कहा कि यह प्रस्ताव केवल अमेरिकी और इजरायली हितों को साधता है, इसमें ईरान के हितों को जरा भी नहीं देखा गया है. उन्होंने कहा, “इस प्रस्ताव का निचोड़ अगर देखें, तो यह है कि अमेरिका चाहता है कि ईरान प्रतिबंध हटाने की एक अस्पष्ट योजना के बदले में अपनी रक्षा करने की क्षमता को छोड़ दे.” अधिकारी ने कहा कि इस प्रस्ताव में सफलता के लिए जो न्यूनतम शर्तें होनी चाहिए थीं, वह भी नहीं है.
कूटनीति पूरी तरह से बंद नहीं: ईरानी अधिकारी अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध में उलझे ईरान ने कहा कि अभी भी कूटनीति का रास्ता खुला हुआ है. अधिकारी ने कहा, “कूटनीति पूरी तरह बंद नहीं हुई है, और अगर वॉशिंगटन में यथार्थवादी सोच हावी होती है, तो आगे का रास्ता अभी भी निकल सकता है.” इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि तुर्किए और पाकिस्तान लगातार मध्यस्थता कर रहे हैं और संघर्ष को खत्म करने की कोशिश की जा रही है.















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