अभी आधा काम हुआ, सिर्फ पर्दा हटाया है… जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन पर बोले PM मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री ने इसे देश की सबसे महत्वपूर्ण हरित (ग्रीन) परियोजनाओं में से एक बताया. उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ को कम करेगा और भारत के लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति देगा. 

इस दौरान पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आज, हम ‘विकसित UP, विकसित भारत’ अभियान का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं. आज, देश का सबसे बड़ा राज्य, सबसे ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला राज्य बन गया है. आज, मेरे गर्व और खुशी के दो कारण हैं. पहला यह कि आप सभी ने मुझे इस हवाई अड्डे के निर्माण की नींव रखने का सौभाग्य दिया है, और आप सभी ने मुझे इस हवाई अड्डे का उद्घाटन करने का सौभाग्य भी दिया है. लेकिन मैंने वह सौभाग्य आपके साथ साझा किया और इसे आपके हाथों ही करवाया. 

दूसरा, वह उत्तर प्रदेश जिसने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना, वह उत्तर प्रदेश जिसने मुझे अपना सांसद बनाया, उसकी पहचान के साथ-साथ, उस उत्तर प्रदेश की पहचान के साथ, इस शानदार हवाई अड्डे का नाम भी जुड़ गया है. पीएम मोदी ने कहा कि इसकी वजह से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलंदशहर, फरीदाबाद और यह पूरा क्षेत्र बहुत ज़्यादा फायदा उठाने वाला है. यह एयरपोर्ट पश्चिमी UP के किसानों, छोटे और मध्यम दर्जे के कारोबारों और युवाओं के लिए कई नए मौके लेकर आने वाला है. यहां से विमान पूरी दुनिया में उड़ान भरेंगे, और इसके साथ ही, यह एक विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक भी बन जाएगा. मैं उत्तर प्रदेश के लोगों को, खास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को, इस शानदार एयरपोर्ट के लिए बधाई देना चाहूंगा.

दो चरणों में होगा विकास, 225 मिलियन यात्रियों की क्षमता: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास 2 चरणों में किया जाएगा. अंतिम चरण तक इसकी क्षमता 70 मिलियन से बढ़कर 225 मिलियन यात्रियों प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी. पहले चरण में चार उप चरण शामिल हैं, जिसमें शुरुआती क्षमता 12 मिलियन यात्रियों की होगी, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 70 मिलियन तक किया जाएगा. एयरपोर्ट का निर्माण 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में किया जा रहा है और इसमें दो रनवे होंगे.

इस परियोजना के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) और यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) के बीच 40 साल का रियायत समझौता किया गया है. YIAPL, ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की 100% सहायक कंपनी है, जो इस परियोजना के विकास और संचालन में प्रमुख भूमिका निभा रही है.

मल्टी-मोडल कार्गो हब से लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बढ़ावा: एयरपोर्ट को एक बड़े मल्टी-मोडल कार्गो हब के रूप में भी विकसित किया जा रहा है. इसके लिए 87 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहां इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स जोन बनाए जाएंगे. पहले चरण में करीब 800 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिसे अंतिम चरण तक बढ़ाकर 3200 करोड़ रुपये किया जाएगा. कार्गो टर्मिनल की शुरुआती क्षमता 2.55 लाख मीट्रिक टन सालाना होगी, जिसे बढ़ाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जाएगा.

देश का पहला MRO सुविधा वाला एयरपोर्ट: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट होगा जहां मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) की सुविधा ऑन-साइट उपलब्ध होगी. इसके लिए 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है और Akasa Air की भागीदार कंपनी SNV एविएशन के साथ समझौता किया गया है. यह सुविधा करीब 60 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित की जाएगी. इस एयरपोर्ट को नेट-जीरो एमिशन कॉन्सेप्ट पर डिजाइन किया गया है. कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए कई उपाय किए गए हैं.

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