अयोध्या में रामनवमी के दिन बड़ा हादसा टल गया, जब अयोध्या के राजघाट स्थित बाटी वाले बाबा घाट के पास चल रहे लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के विशाल पंडाल में अचानक भीषण आग लग गई. यह घटना शनिवार दोपहर करीब 12 बजे उस समय हुई, जब 9 दिवसीय महायज्ञ का समापन हो चुका था और अधिकांश श्रद्धालु स्थल से जा चुके थे.
नारियल बना बम का गोला! जानकारी के मुताबिक, करीब एक एकड़ क्षेत्र में फैला यह भव्य यज्ञ स्थल देखते ही देखते आग की चपेट में आ गया और पूरा पंडाल जलकर खाक हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद नारियल फूटने से निकली चिंगारी कपड़े के पंडाल में गिर गई, जिससे आग तेजी से फैल गई.
हादसे के वक्त ज्यादातर श्रद्धालु जा चुके थे: इस आयोजन में पहले करीब 50 हजार श्रद्धालु शामिल हुए थे. अंतिम दिन यज्ञशाला में 1,251 हवन कुंड बनाए गए थे और लगभग 5 हजार यजमानों ने मंत्रोच्चारण के बीच आहुति दी थी. गनीमत रही कि हादसे के समय पंडाल लगभग खाली हो चुका था, वरना स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी.
किसी जनहानिक की खबर नहीं: घटना की सूचना मिलते ही मौके पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया. मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुसार, करीब 10 दमकल गाड़ियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया. इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है.
मौके पर मंत्री और विधायक: मौके पर उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह भी मौजूद रहे. उनके साथ गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया. मंत्री ने बताया कि फायर ब्रिगेड पहले से ही तैनात थी, जिसकी वजह से आग पर तेजी से नियंत्रण पा लिया गया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यज्ञशाला में भीड़ मौजूद होती, तो यह हादसा बड़े जनहानि का कारण बन सकता था. फिलहाल प्रशासन ने राहत की सांस ली है और पूरे मामले की जांच की जा रही है.
















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