युद्ध के बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है. ईरान ने भारत को विशेष राहत दी है. ईरान से 7 साल बाद पहली बार तेल और गैस के जहाज भारत आ रहे हैं. जहां सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा रहा था कि पेमेंट की दिक्कत की वजह से जहाज चीन की ओर मुड़ गया है, अब इस पर सरकार का जवाब आ गया है.
भारत आ रहा ईरानी तेल से भरा जहाज: ईरान से करीब 600000 बैरल कच्चा तेल लेकर ईरानी जहाज ‘पिंग शुन’ (Ping Shun) भारत पहुंच रहा है. 2019 के बाद पहली बार ईरानी तेल भारत आ रहा है. अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से ईरान से तेल की खरीद रुक गई थी. अमेरिका ने 30 दिनों के लिए इस प्रतिबंध को हटाया है, जिसके बाद अब ईरान से 600000 बैरल कच्चा तेल लेकर कार्गो जहाज भारत पहुंच रहा है. मार्च में ही इस कार्गों पर खार्ग ट्वीप पर तेल की लोर्डिंग हो गई थी. सरकार ने बताया कि बिल ऑफ लैडिंग मेंइंडिकेटिव डिस्चार्ज पोर्ट डेस्टिनेशन लिखे होते हैं. ये कार्गो जहाज ऑप्टिमाइजेशन और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी के बीच-बीच में अपना डेस्टिनेशन बदल सकते हैं. इससे पहले भी ईरान से एलपीजी लेकर जहाज सी बर्ड मैंगलोर पहुंचा था.
चीन से रास्ता बदलकर भारत पहुंच रहा है: पिंग शुन चीन जाता रहा है, लेकिन ये पहली बार भारत आ रहा है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक जहाज से सफर की शुरुआत चीन जाने के लिए की थी, लेकिन बीते सोमवार को उसने सिग्नल दिया कि वो भारत के गुजरात पोर्ट पर पहुंच रहा है.जहाज-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक वो गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंचने वाला है. वहीं इस बीच फिर खबर आई कि जहाज ने फिर से चीन का रूख कर लिया है. पेमेंट संबंधी दिक्कतों की वजह से जहाज ने भारत का रास्ता बदल लिया है, लेकिन भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस खबर को सिरे से खारिज कर दिया है. सरकार ने साफ किया है कि 6 लाख बैरल तेल लेकर ईरानी जहाज भारत ही पहुंच रहा है.
भारत के लिए क्यों जरूरी है यह जहाज ? ईरान से तेल की खेप पहुंचना ऊर्जा संकट के बीच भारत के लिए महत्वपूर्ण है. ग्लोबल मार्केट में तेल की बढ़ती कीमतों के बीच ईरान से आयात होना राहत भरी खबर है. ईरान, जिसने खुद होर्मुज को बाधित कर रखा है, वहां से तेल आने पर ये संकट भी खत्म हो जाएगा.ईरान न केवल भारत के लिए तेल और गैस भेज रहा है, बल्कि भारतीय जहाजों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी खोल रहा है. सबसे ज्यादा भारतीय जहाजों ने ही युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया है. ‘ग्रीन सान्वी’ समेत भारत के 8 कार्गो जहाज स्ट्रेटऑफ होर्मुज को पार कर चुके हैं.











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