कानपुर किडनी कांड के बाद स्वास्थ्य विभाग का चला हंटर, 8 अस्पतालों पर कार्रवाई

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पुनीत शुक्ला, कानपुर। ​
कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. मीडिया में खबर दिखाए जाने के बाद नींद से जागे विभाग ने कल्याणपुर इलाके में अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है. इस सिंडिकेट से जुड़े और मानकों की धज्जियां उड़ाने वाले कई अस्पतालों पर ताला जड़ दिया गया है.

कानपुर का कल्याणपुर इलाका आज पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की छावनी बना रहा. किडनी तस्करी के तार जुड़ने की खबर जैसे ही पुख्ता हुई, एसीएमओ रमित रस्तोगी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी शुरू की. सबसे बड़ी कार्यवाही मेड लाइफ हॉस्पिटल पर हुई, जिसे जांच में अवैध पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है.

इतना ही नहीं, प्रशासन ने अवैध रूप से चल रहे गोल्ड हॉस्पिटल, मृगनेश हॉस्पिटल और एमपी हॉस्पिटल को भी पूरी तरह बंद कर सील लगा दी है. इन अस्पतालों के पास न तो संचालन के वैध दस्तावेज थे और न ही मानकों के अनुरूप सुविधाएं.

​नोटिस की मियाद खत्म, शाम तक बड़ी कार्यवाही: एसीएमओ के मुताबिक, प्रिया और आहूजा हॉस्पिटल को भी विभाग ने नोटिस जारी किया था। नोटिस का समय आज समाप्त हो रहा है.

प्रशासन का रुख सख्त है— अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो आज शाम तक इन दोनों अस्पतालों पर भी प्रशासन का डंडा चलना तय है।

​एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी ने कहा कि “हमने कल्याणपुर क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया है. मेड लाइफ समेत चार अस्पतालों को सील कर दिया गया है क्योंकि ये बिना वैध पंजीकरण के चल रहे थे. किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट से इनके जुड़ाव की भी गहराई से जांच की जा रही है. प्रिया और आहूजा हॉस्पिटल को नोटिस दिया गया था, समय सीमा खत्म होते ही उन पर भी नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी. किसी भी अवैध नर्सिंग होम को बख्शा नहीं जाएगा.”

कानपुर प्रशासन की इस कार्यवाही से शहर के अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है. अब देखना यह है कि इस सिंडिकेट की जड़ें और कहां-कहां तक फैली हैं और मुख्य सरगना कब तक सलाखों के पीछे होते हैं.

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