AAP में बगावत: BJP में शामिल हुए राघव चड्ढा समेत 3 सांसद, क्या बोले अन्ना हजारे

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राज्यसभा सांसद राघव चड्डा समेत आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया. उनके अलावा संदीप पाठक, अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल ने भी AAP छोड़ दी. उधर AAP ने इसके लिए पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा पर ऑपरेशन लोटस चलाने का आरोप लगाया.

उधर राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के आम आदमी पार्टी छोड़ने पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा, एक अच्छी सरकार पंजाब में चल रही है, और आज उस सरकार के साथ ऑपरेशन लोटस का खेल खेला जा रहा है. हमारे सांसदों को तोड़ा जा रहा है. उनको अपनी पार्टी में शामिल किया जा रहा है। ईडी-सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है.

अभी दो-तीन दिन पहले अशोक मित्तल के यहां ईडी का छापा पड़ा था। चीजें अपने आप में जुड़ती हैं, ईडी का छापा पड़ा और तोड़ लिया. इससे पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्डा ने आम आदमी पार्टी से शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया. उनके साथ ही राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल और विक्रमजीत साहनी ने भी AAP छोड़ दी. चड्डा ने दावा किया कि AAP के दो-तिहाई राज्यसभा सदस्य पार्टी छोड़ रहे हैं.

अन्ना हजारे बोले- कहां रहना, कहां जाना, यह व्यक्ति विशेष पर निर्भर

AAP सांसदों के पार्टी छोड़ने पर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा, ‘लोकतंत्र में कहां जाना, कहां रहना, लोकतंत्र में हर एक व्यक्ति की अपनी-अपनी राय पर निर्भर करता है. किसी के साथ सख्ती करना सही नहीं है. लोकतंत्र में लोगों के नजरिये अलग-अलग हो सकते हैं, उनकी आपसी राय में कुछ मतभेद होना स्वाभाविक है. सोच में कुछ असहमति या अंतर आया होगा, शायद इसी वजह है कि वह लोग पार्टी छोड़कर चले गए. आखिरकार, इस तरह के मतभेद और असहमति के कारण राजनीति के कामकाज का ही एक हिस्सा हैं.’

शहजाद पूनावाला बोले- AAP अब ‘अरविंद अकेले की पार्टी’ बनी

AAP सांसदों के BJP में शामिल होने पर BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, ‘आम आदमी पार्टी ताउम्र वही गलती करती रही, ‘धूल चेहरे पर थी, और वह आईना साफ करती रही.’ अब आत्म-मंथन का समय है। लेकिन ऐसा करने के बजाय, वे अपनी तुलना पंजाब से कर रहे हैं. केजरीवाल को छोड़ना पंजाब के साथ विश्वासघात कैसे हो गया? AAP अब ‘अरविंद अकेले की पार्टी’ बन गई है. कितने नेता अबतक पार्टी छोड़ चुके हैं, योगेंद्र यादव, शांति भूषण, प्रशांत भूषण, आशुतोष, अलका लांबा, राजेंद्र पाल गौतम इनमें से कई नेता तो अलग-अलग पार्टियों में शामिल हो गए, तो क्या वह भी ‘ऑपरेशन लोटस’ ही था.’

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