पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में पीएम मोदी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यह इस चुनाव में उनकी आखिरी रैली है और उन्हें पूरा भरोसा है कि 4 मई के नतीजों के बाद वे भारतीय जनता पार्टी के शपथग्रहण समारोह में शामिल होंगे. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह इस चुनाव में मेरी आखिरी रैली है. मैं इस विश्वास के साथ जा रहा हूं कि 4 मई के नतीजों के बाद मैं BJP के शपथ ग्रहण समारोह में जरूर शामिल होऊंगा. उनके इस बयान को पार्टी के आत्मविश्वास के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
रास्ते में उमड़ी भीड़ का जिक्र: पीएम मोदी ने रैली स्थल तक पहुंचने के दौरान रास्ते में उमड़ी भीड़ का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि हेलीपैड से सभा स्थल तक लगभग दो किलोमीटर के रास्ते में दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जो उन्हें आशीर्वाद देने आए थे. उन्होंने कहा कि इतनी सुबह इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी उनके लिए बेहद भावुक करने वाला अनुभव था.
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में बंगाल के साथ अपने व्यक्तिगत और आध्यात्मिक संबंध का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बंगाल उनके जीवन की आध्यात्मिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और यहां की संस्कृति व महान व्यक्तित्वों ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया है.
जनता के संदेशों को बताया खास: पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें लोगों से बड़ी संख्या में संदेश, चिट्ठियां और कलात्मक प्रस्तुतियां मिलीं, जिन्हें वे गंभीरता से पढ़ते और समझते हैं. उन्होंने बताया कि वे रात में समय निकालकर इन संदेशों और तस्वीरों को देखते हैं और लोगों की भावनाओं को समझने की कोशिश करते हैं. प्रधानमंत्री के इस बयान के साथ ही पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेंगे.
जनता ही मेरा परिवार: पीएम मोदी-पीएम मोदी ने बैरकपुर में अपने चुनावी संबोधन के दौरान जनता से भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि उनके लिए रोडशो और रैलियां सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक तरह की तीर्थयात्रा बन गई हैं. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने एक घटना का जिक्र किया, जब एक महिला समर्थक उनसे मिलने के लिए बैरिकेड पार करने की कोशिश कर रही थी. उन्होंने बताया कि सुरक्षाकर्मियों के साथ हल्की धक्का-मुक्की के बावजूद वह महिला उनसे मिलने के लिए दृढ़ थी. प्रधानमंत्री के अनुसार, वह महिला सुबह से बिना कुछ खाए-पिए रैली में पहुंची थी और अपने बच्चों से कहकर आई थी कि वह उनसे मिले बिना वापस नहीं लौटेगी. इस घटना को उन्होंने जनता के स्नेह और विश्वास का प्रतीक बताया.
पीएम मोदी ने कहा कि चुनावी रोडशो के दौरान उन्होंने लोगों के उत्साह और जुड़ाव को करीब से महसूस किया. उन्होंने बताया कि कई बार तय स्थान पर कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी लोग दूर तक खड़े रहते थे, जिसके चलते वे दोबारा उनके बीच लौट जाते थे. उन्होंने कहा कि ये रोडशो मेरे लिए केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि मैंने इन्हें एक तीर्थयात्रा के रूप में अनुभव किया है.
लंबे राजनीतिक सफर का पीएम ने किया जिक्र: प्रधानमंत्री ने अपने दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले तीन-चार दशकों से वे देश के हर कोने में यात्रा कर रहे हैं. BJP के एक कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुए उनके सफर में पार्टी ने उन्हें जो भी जिम्मेदारियां दीं, उन्होंने उन्हें पूरी निष्ठा से निभाया.
पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में दिन-रात और मौसम की परवाह किए बिना काम किया है. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जब से उन्होंने अपना घर छोड़ा है, तब से उन्हें जनता के बीच ही सुकून और शांति मिली है. उन्होंने कहा कि आप सभी ही मेरा परिवार हैं, और जनता के समर्थन के प्रति आभार जताया. बता दें कि पीएम मोदी का ये भावनात्मक संबोधन ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में है.















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