पहला बड़ा मंगल आज, जानें हनुमान जी की पूजा करने की विधि और शुभ मुहूर्त

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 5 मई यानी आज से ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल की शुरुआत हो रही है. ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया गया है. इन मंगलवारों को बड़ा मंगल या कुछ क्षेत्रों में बुढ़वा मंगल कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में हनुमान जी की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं. कहा जाता है कि इस समय हनुमान जी की आराधना करने से उनकी कृपा जल्दी मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है. कुछ ग्रंथों में यह भी वर्णन मिलता है कि इन दिनों हनुमान जी के वृद्ध स्वरूप की पूजा की जाती है, इसी कारण इसे बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है.

उत्तर भारत में यह पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. हर मंगलवार को हनुमान मंदिरों में विशेष सजावट की जाती है और भक्त बड़ी संख्या में पूजा करने पहुंचते हैं. इस दौरान हनुमान चालीसा, हनुमान अष्टक, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ किया जाता है. साथ ही भंडारों का आयोजन भी किया जाता है.

पहला बड़ा मंगल के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 12 मिनट से 04 बजकर 54 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त (सबसे शुभ): सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक (इस दौरान पूजा करना सर्वोत्तम है)
अमृत काल: दोपहर 01 बजकर 25 मिनट से 03 बजे तक

राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 03 बजकर 39 मिनट से शाम 05 बजकर 18 मिनट तक (इस समय नई शुरुआत या विशेष पूजा से बचें)

बड़ा मंगल का महत्व क्यों है? मान्यता है कि ज्येष्ठ महीने में भगवान श्रीराम और हनुमान जी की मुलाकात हुई थी, इसलिए यह समय और भी पवित्र माना जाता है. इस दौरान पूजा करने से जीवन के कई कष्ट दूर होते हैं. इस हनुमान जी की पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय कम होता है. दुर्घटनाओं से रक्षा होती है. नकारात्मक शक्तियों से बचाव होता है और मानसिक शांति मिलती है.

ज्योतिषीय दृष्टि से महत्व: ज्योतिष के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में मंगल कमजोर होता है, उन्हें इस दिन विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए. इससे मंगल ग्रह के दोष कम होते हैं और सकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं. जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही होती है, उनके लिए भी यह पूजा बहुत लाभदायक मानी जाती है.

घर पर कैसे करें पूजा? सुबह घर के मंदिर की सफाई करें. हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. घी का दीपक जलाएं. गंगाजल से अभिषेक करें. अक्षत, फूल और माला अर्पित करें. हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें. गुड़-चना का भोग लगाएं. आरती करें और प्रसाद बांटें.

बड़ा मंगल की तिथियां

पहला बड़ा मंगल- 5 मई 2026
दूसरा बड़ा मंगल- 12 मई 2026
तीसरा बड़ा मंगल- 19 मई 2026 
चौथा मंगल: 26 मई 2026 
पांचवां मंगल: 2 जून 2026 
छठा मंगल: 9 जून 2026
सातवां मंगल: 16 जून 2026  
आठवां मंगल: 23 जून 2026

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