मंत्री योगेंद्र उपाध्याय बोले- ये कॉकरोच नहीं, बगुला पार्टी है, पेपर लीक और नीट पर कही ये बात

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पुनीत शुक्ला, कानपुर।
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री और कानपुर नगर के प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने गुरुवार को सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल “कॉकरोच पार्टी” की तरह हर परिस्थिति में केवल अपना अस्तित्व बचाने की राजनीति करते हैं. वो कॉकरोच पार्टी नहीं बगुला पार्टी है. इन दलों के पास न कोई स्पष्ट नीति है और न ही संविधान व लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता है.

प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने वह उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनकी दशकों तक केवल कल्पना की जाती रही. उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में 12वें स्थान पर रहा भारत आज चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचने की ओर अग्रसर है.

हर राष्ट्रीय उपलब्धि में भी राजनीति तलाशते हैं: उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश आर्थिक, सामरिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत हो रहा है, तब कुछ दल केवल भ्रम फैलाने और जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं. ये वही लोग हैं, जो हर राष्ट्रीय उपलब्धि में भी राजनीति तलाशते हैं और देशहित से ऊपर अपने राजनीतिक हितों को रखते हैं.

भारत की नई शक्ति का एहसास कराया: योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाकर दशकों पुरानी समस्या का समाधान किया. आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसी निर्णायक कार्रवाइयों ने दुनिया को भारत की नई शक्ति का एहसास कराया है. अब भारत आतंकवाद का जवाब घर में घुसकर देने की क्षमता रखता है.

संरक्षण नहीं, सीधे जेल मिलती: पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीति स्पष्ट है दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा. हमारी सरकार में पेपर लीक कराने वालों को संरक्षण नहीं, सीधे जेल मिलती है. उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार लगातार कठोर कदम उठा रही है.

लोकतंत्र का मजाक उड़ाने जैसा है: नीट परीक्षा विवाद पर विपक्ष द्वारा केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग को राजनीतिक नौटंकी बताते हुए उन्होंने कहा कि बिना किसी कानूनी आधार के केवल आरोप लगाकर इस्तीफा मांगना लोकतंत्र का मजाक उड़ाने जैसा है. यदि कोई दोषी होगा, तो कानून उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा, लेकिन विपक्ष को केवल आरोप लगाने और सुर्खियां बटोरने की आदत पड़ चुकी है.

शासन की दृढ़ इच्छाशक्ति को साबित किया: उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम का पुनर्विकास और सोमनाथ सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास ने भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा दी है. वहीं जीएसटी, नोटबंदी और माओवाद पर प्रभावी नियंत्रण जैसे फैसलों ने शासन की दृढ़ इच्छाशक्ति को साबित किया है.

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