UP में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से नदियां उफान पर हैं। 19 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. बदायूं में गंगा और रामगंगा खतरे के निशान के पार चली गई हैं. एक मकान कटान की चपेट में आकर गंगा में समा गया. रामगंगा नदी बदायूं-शाहजहांपुर हाईवे के ऊपर से बह रही है. कई सड़कों पर दो-दो फ़ीट पानी भरा हुआ है.
चंदौली में मूसाखांड और लतीफशाह बांध लबालब भर गए हैं. उनके गेट खोल दिए गए हैं. लखीमपुर में शारदा नदी पर बने ‘तमोलिन पुरवा’ बांध का एक हिस्सा कट गया. इससे 12 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. ललितपुर में खेड़ार नदी का पानी पुल के 3 फीट ऊपर से बह रहा है. सिरसी पुल भी डूब गया है.
वाराणसी में गंगा और प्रयागराज में यमुना का जलस्तर फिलहाल स्थिर है, लेकिन अभी भी सभी घाट डूबे हुए हैं. सड़कों और छतों पर अंतिम संस्कार करवाया जा रहा है. फर्रुखाबाद में 70 से अधिक घरों में गंगा का पानी घुस गया है. 100 से ज्यादा परिवार प्रभावित हैं.
इधर, बुधवार तड़के से झांसी, जालौन, हमीरपुर, महोबा और ललितपुर समेत 10 जिलों में बारिश हो रही है. लखनऊ में रिमझिम फुहारें पड़ रही हैं. महोबा में जिला अस्पताल में पानी भर गया। इमरजेंसी वार्ड की छत से पानी टपकने लगा. एक मकान ढहने से बुजुर्ग पति-पत्नी की मौत हो गई. 5 साल की बच्ची घायल हो गई.
इसके अलावा, बांदा में नाले में 4 लोग बह गए। 3 की मौत हो गई है. इससे पहले मंगलवार को अलग-अलग हादसों में 5 लोगों की मौत हो गई थी. दो लोग घायल हुए थे. आज 75 जिलों में बारिश का अलर्ट है. 7 जिलों में बहुत भारी और 33 जिलों में भारी बारिश हो सकती है. इससे पहले, मंगलवार को 69 जिलों में बारिश हुई. वाराणसी में 20 घंटे की बारिश से सड़कें और गलियां पानी से भर गईं. BHU अस्पताल में घुटनों तक पानी भर गया.
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- “पूर्वी यूपी में बने चक्रवाती सिस्टम और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं. अगले कुछ दिन तक पूर्वी यूपी में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. पूर्वी यूपी के दक्षिणी हिस्सों में बहुत भारी बारिश के आसार हैं. पश्चिमी यूपी में पछुआ हवाओं की वजह से फिलहाल तेज या भारी बारिश की संभावना काफी कम है.”
















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