निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने शुक्रवार को हरिद्वार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. कोर्ट ने उनको निठारी कांड से जुड़े सभी मामले में बरी कर दिया था. हरिद्वार पुलिस ने सुरेंद्र कोली की आत्महत्या की पुष्टि की है. गुरुवार को शहर के उत्तरी हिस्से में सप्त सरोवर रोड पर लाल माता मंदिर के सामने एक चाय की दुकान पर कोली का शव लटका हुआ मिला. पुलिस उसकी मौत के कारणों की जांच कर रही है.
पुलिस के अनुसार, कोली पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार में रह रहा था और सड़क पर चाय की दुकान चलाता था. वह मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के भिकियासेन इलाके के मंगरुखला गांव का रहने वाला था. पुलिस ने उसके परिवार को सूचित कर दिया है.
सिटी कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि कोली निठारी मामले में आरोपी था. पुलिस ने कहा कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और जांचकर्ता सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रहे हैं. मौत के सटीक कारण और परिस्थितियों समेत अन्य ब्योरों का इंतजार है.
2025 में स्वीकार हुई थी क्यूरेटिव याचिका: कोली की मौत सुप्रीम कोर्ट की तरफ से निठारी मामलों में उसके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खत्म करने के एक साल से भी कम समय बाद हुई है. 11 नवंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उसकी क्यूरेटिव याचिका को स्वीकार कर लिया था और हत्याओं से जुड़े आखिरी लंबित मामले में उसकी सजा को रद्द कर दिया. तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि कोली को पहले ही 12 अन्य मामलों में बरी किया जा चुका है और उसे तुरंत रिहा करने का आदेश दिया, बशर्ते किसी अन्य मामले में उसकी जरूरत न हो.
निठारी हत्याकांड का खुलासा दिसंबर 2006 में हुआ था, जब नोएडा के निठारी में व्यवसायी मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के पीछे एक नाले से बच्चों के कंकाल मिले थे. इस मामले ने व्यापक जन आक्रोश पैदा किया और कोली-पंढेर के बीच लंबी कानूनी लड़ाई चली.
पहले कई मामलों में ठहराया गया था दोषी: शुरुआत में कोली को हत्याओं से जुड़े कई मामलों में दोषी ठहराया गया था. हालांकि, बाद में अदालतों ने उसे कई मामलों में बरी कर दिया. आखिरी लंबित मामले में सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2025 के आदेश ने निठारी हत्याकांड के संबंध में उसके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को प्रभावी ढंग से खत्म कर दिया.
हरिद्वार में उसकी मौत की परिस्थितियों की अब जांच की जा रही है. उम्मीद है कि जांच और पोस्टमॉर्टम के जरिए पुलिस घटनाओं के क्रम और मौत से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाएगी.















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