UP में योगी के चहरे पर ही भाजपा 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी. शुक्रवार को लखनऊ में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने कहा- आज गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम योगी आदित्यनाथ की बार-बार तारीफ की है, समझदार को इशारा ही काफी.
UGC को लेकर सवर्णों में नाराजगी के मुद्दे पर विनोद तावड़े ने कहा कि हम अपने वोटर्स के बीच जाकर उनसे सीधा संवाद करेंगे और उन्हें समझाएंगे.
तावड़े बोले- अगर भाजपा नहीं आई तो 2017 से पहले वाले हालात होंगे’: तावड़े ने कहा, जनता को ये बताना बेहद जरूरी है कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार नहीं बनी, तो हालात फिर से 2017 से पहले जैसे हो जाएंगे.
उन्होंने कहा- जब कार्यकर्ता से बात करो तो वह कहता है कि सब कुछ ठीक है लेकिन… ये ‘लेकिन’ ही सब काम बिगाड़ रहा है. अगर आधा गिलास खाली है तो हमें ये कहना नहीं है, बल्कि ये संदेश देना है कि अब इस आधे गिलास को भरेंगे.
अपराध पर नकेल कसने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- कांग्रेस सरकार ने मुख्तार अंसारी को पंजाब की जेल में बचाकर रखा था, लेकिन हमारी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी और उसे यूपी की जेल में लाई, जहां उसे कैदी की जिंदगी जीनी पड़ी. अतीक और अंसारी जैसे माफियाओं की जब्त जमीनों पर आज गरीबों के घर बन रहे हैं.
‘चापलूसी या पैसे से टिकट नहीं मिलेगा, केवल काम करने वालों को मौका’: टिकट बंटवारे और कार्यकर्ताओं की महत्वाकांक्षा पर तावड़े ने कहा- चुनाव लड़ने की इच्छा रखना गलत नहीं है, लेकिन राज्य में सीटें सिर्फ 403 ही हैं. टिकट किसी को मिलेगा और किसी को नहीं, लेकिन जिसे टिकट नहीं मिलेगा, वह पार्टी के खिलाफ काम नहीं करेगा.
उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि किसी नेता की चापलूसी करने या पैसे के दम पर टिकट नहीं मिलने वाला, टिकट सिर्फ काम करने के आधार पर ही मिलेगा.
तावड़े ने कहा- मैं सिर्फ चुनाव तक के लिए नहीं आया हूं, बल्कि अगले तीन साल तक यूपी का प्रभारी रहूंगा। जो कार्यकर्ता काम करेगा और उससे जो वादा किया जाएगा, उसे पूरा करने के बाद ही मैं यूपी से जाऊंगा. आप चाहें तो बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा के कार्यकर्ताओं से मेरे बारे में पूछ सकते हैं.
‘400 पार’ जैसी गलती नहीं दोहराएंगे: सोशल मीडिया की भूमिका पर बात करते हुए यूपी प्रभारी तावड़े ने माना कि भाजपा इस मोर्चे पर सुस्त पड़ी है। उन्होंने कहा- विपक्ष अब सोशल मीडिया की ताकत को समझ चुका है. 2014 में हम सोशल मीडिया पर सबसे आगे थे, तब लालू यादव पूछते थे कि इससे क्या होता है लेकिन आज बिहार में तेजस्वी यादव के फॉलोअर्स नीतीश कुमार से भी ज्यादा हैं. हमारा सोशल मीडिया थोड़ा कमजोर हुआ है, हम पीएम और सीएम की पोस्ट को लाइक और रीपोस्ट तक नहीं करते. सभी को सोशल मीडिया पर सक्रिय होना पड़ेगा, क्योंकि हमारी योजनाएं सिर्फ विकास नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी बदल रही हैं.
चुनाव के लक्ष्य पर बात करते हुए विनोद तावड़े ने स्पष्ट किया कि ‘अबकी बार 400 पार’ वाली गलती इस बार यूपी चुनाव में नहीं दोहराई जाएगी. उन्होंने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि हमें 2027 के चुनाव में 2017 की तरह ही 312 सीटें जीतकर लानी हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे कार्यकर्ताओं के बीच आते रहेंगे, संवाद करेंगे और हर समस्या का समाधान निकालेंगे.
















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