कानपुर नगर निगम में महापौर प्रमिला पांडेय और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के बीच विवाद के बाद अब महापौर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी भी मैदान में उतर आए हैं.अमित पांडेय उर्फ़ बंटी जो खुद भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे है, किस हैसियत से एक सीनियर PCS अफसर से स्पष्टीकरण मांग रहे यह किसी के गले से नहीं उतर पा रही है जबकि इस विवाद में वे भी पाकसाफ नहीं कहे जा सकते. हालांकि वे कहते है कि एक सामान्य नागरिक की हैसियत से ये सफाई मांग रहे हैं.
उन्होंने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर नगर निगम परिसर के सरकारी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बाहरी व्यक्तियों तक पहुंचने पर स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही अभिलेख संरक्षण व निष्पक्ष जांच की मांग की है.
नगर निगम का CCTV फुटेज वायरल: दरअसल, बुधवार को नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था. इसमें अमित पांडेय नगर निगम के अंदर आकर महापौर कार्यालय के गेस्ट रूम में जाते दिख रहे हैं. इसके अलावा एक फोटो भी वायरल हुई जिसमें गेस्ट रूम के अंदर अमित पांडेय दो अधिवक्ताओं और कुछ पार्षदों के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद अब सरकारी सीसीटीवी फुटेज के बाहर पहुंचने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.
अपने पत्र में अमित पांडेय ने कहा कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षा के उद्देश्य से रखी जाती है. ऐसे में यह स्पष्ट होना चाहिए कि फुटेज किसके माध्यम से बाहरी लोगों तक पहुंची और किस उद्देश्य से इसे सार्वजनिक किया गया. उन्होंने कहा कि अगर फुटेज किसी वैध प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराई गई है, तो संबंधित आदेश दिखाया जाए.
अमित पांडेय ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि वह महापौर के पुत्र हैं और इस तथ्य को छिपाने की जरूरत नहीं है, लेकिन इससे उन्हें कोई विशेष अधिकार नहीं मिलता और न ही उनके सामान्य नागरिक अधिकार समाप्त होते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक की तरह उन्हें अपने वैध कार्यों के लिए नगर निगम आने का अधिकार है और उनकी निजता भी संरक्षित रहनी चाहिए. अब इस मामले में नगर आयुक्त के स्पष्टीकरण और जांच की मांग उठी है.
















Leave a Reply