अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव का रास्ता साफ हो गया है. जिस याचिका के कारण मिल्कीपुर में उपचुनाव नहीं हो सका वह याचिका वापस हो गई है. लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले भाजपा नेता बाबा गोरखनाथ की इसे वापस लेने के लिए अपील की थी. इसे सोमवार को अदालत ने मंजूरी दे दी. इसके साथ ही याचिका भी वापस हो गई है. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई कर रहे जस्टिस पंकज भाटिया की एकल पीठ ने याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है. जिस दिन उपचुनाव घोषित हुए थे उसके अगले दिन ही भाजपा प्रत्याशी रहे बाबा गोरखनाथ ने याचिका वापस लेने के लिए हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी. बाद में सपा ने अड़ंगा लगा दिया था.
माना जा रहा है कि कोर्ट से याचिका वापस होने के कारण चुनाव आयोग कभी भी इस सीट पर चुनाव का ऐलान कर सकता है. विधानसभा की किसी सीट को छह महीने तक ही रिक्त रखा जा सकता है. मिल्कीपुर से विधायक रहे अवधेश प्रसाद के जून में सांसद बनने के बाद से यह सीट रिक्त है. अगले महीने अवधेश प्रसाद के इस्तीफे को छह महीने पूरे हो जाएंगे. ऐसे में माना जा रहा है कि दिसंबर में यहां चुनाव हो सकता है.
कोर्ट के आदेश के बाद गोरखनाथ ने कहा कि आज मेरी और एक अन्य निर्दलीय की चुनाव याचिका वापस हो गई है. हम चाहते हैं कि मिल्कीपुर की जनता सफर न करे और वहां जल्द चुनाव हो. कहा कि चुनाव आयोग जल्द आज के फैसले का संज्ञान लेगा और चुनाव की घोषणा होगी. भाजपा वहां पर बड़े अंतर से जीतेगी. इस दौरान उन्होंने सपा पर हमला भी बोला. कहा कि याचिका वापसी के विरोध पर वकील न खड़ा करने की बात कहने वालों का पर्दाफाश भी हो गया है.
वकील ने कहा कि सपा की तरफ से कहा गया था कि याचिका वापसी से पहले सभी पक्षों को नोटिस जारी होना चाहिए. इसी के तहत सभी पक्षो को नोटिस जारी की गई थी. नियमों के तहत इसका विज्ञापन भी निकाला गया था. इसके बाद आज हाईकोर्ट ने याचिका वापसी की मंजूरी दे दी. अब चुनाव आयोग कभी भी यहां पर इलेक्शन का ऐलान कर सकता है.
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान मिल्कीपुर समेत नौ मौजूदा विधायक सांसद बन गए थे. इससे सभी नौ सीटें रिक्त हो गई थीं. वहीं कानपुर की सीसामऊ सीट से विधायक इरफान सोलंकी के आपराधिक मामले में सजा के बाद सीट रिक्त हुई थी. चुनाव आयोग ने अक्टूबर में सीसामऊ समेत नौ सीटों पर उपचुनाव का ऐलान किया था.
अयोध्या की मिल्कीपुर सीट को लेकर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर होने से उपचुनाव की घोषणा नहीं की गई थी. इसकी जानकारी मिलते ही याचिका दायर करने वाले भाजपा नेता बाबा गोरखनाथ ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर याचिका वापसी की अपील की. उसी अपील के बाद आज हाईकोर्ट ने याचिका वापस लेने की मंजूरी दे दी.
















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