पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में भीषण गर्मी और लू को देखते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया. डीएम ने पीजी से लेकर कक्षा 8 तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में 31 मई तक अनिवार्य ग्रीष्मावकाश घोषित कर दिया है. आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की संभावना है. ऐसे में छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को तत्काल प्रभाव से 31 मई तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं.
सुबह 11 से शाम 4 बजे तक धूप से बचने की सलाह: डीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें. बाहर निकलते समय सिर को गमछे, टोपी या कपड़े से ढकें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें. शरीर में पानी की कमी न होने दें और नियमित रूप से पानी, नींबू पानी, छाछ व अन्य तरल पदार्थ लेते रहें.
डीएम ने कहा कि तेज गर्मी और लू को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और किसानों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार, अत्यधिक पसीना या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
उन्होंने किसानों से दोपहर के समय खेतों में काम न करने की अपील की. खेतों पर पानी, छाया और ओआरएस की व्यवस्था रखने तथा सुबह या शाम के समय ही काम करने की सलाह दी गई है.
पशुपालकों को भी दी गई सलाह: डीएम ने पशुपालकों से कहा कि पशुओं को छायादार स्थान पर रखें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में साफ व ठंडा पानी उपलब्ध कराएं. दिन में एक-दो बार पानी का छिड़काव या स्नान कराने से पशुओं को राहत मिलेगी. पशुओं में सुस्ती या कमजोरी दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं.
















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