संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा वाले इलाके में बिजली चेकिंग और अवैध अतिक्रमण अभियान के दौरान मिला मंदिर एक हजार साल पुराना हो सकता है. अफसरों ने खुद मंदिर में सफाई की और इसके बाद यहां पूजा पाठ भी शुरू हो गई है. प्रशासन ने तत्काल यहां पर सीसीटीवी भी लगवा दिया है. मंदिर 46 साल से बंद था। मंदिर के अंदर हनुमान जी की मूर्ति के साथ ही शिवलिंग और नंदी भी मिले हैं.
यह पूरा इलाका सौ प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाला है। पहले यहां काफी हिन्दू परिवार भी रहते थे लेकिन बाद में यहां से पलायन कर गए। 1976 से इस मंदिर पर ताला जड़ा हुआ था. खास बात यह भी है कि यह मंदिर संभल के सांसद जियाउर्रहमान के घर से केवल दो सौ मीटर दूर है. संभल के डीएम राजेंद्र पैंसिया के अनुसार मंदिर के आसपास कई नवनिर्माण भी करा दिए गए हैं. प्रशासन अब उन लोगों पर एक्शन की तैयारी कर रहा है जिन लोगों ने यहां पर अवैध निर्माण किया है.
डीएम राजेंद्र पैंसिया के अनुसार हम लोग यहां पहुंचे तो तीन तरफ से अतिक्रमण किया गया था. केवल एक तरफ से मंदिर का हिस्सा दिखाई दे रहा था. प्रारंभिक जांच और इसे जानने वालों ने बताया कि यह मदिर चार-पांच सौ से हजार वर्ष पुराना हो सकता है. इसे अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है. अब इसका पुननिर्माण कराया जाएगा. यह मंदिर 46 साल पहले बंद कराया गया था. जांच की बात पर कहा कि पहले से ही इसकी जांच चल रही है. एक विशेष टीम भी बनाएंगे ताकि पूरे जनपद में एक-एक चीज का सर्वे किया जा सके.

डीएम ने बताया कि मंदिर के बाद किसी ने बताया कि इसके सामने एक कुआं भी है. पहले उसकी भी पूजा होती थी, अब उस पर रैंप बना लिया गया है. इसके बाद रैंप को तोड़ा गया तो नीचे कुआं निकला है. कुएं की खुदाई भी कराई जा रही है. इसे हम जल संरक्षण का केंद्र भी बनाएंगे, ताकि जिन जितना भी रेन वाटर है उसमे जाए और भूमिगत जल में बढ़ोतरी हो.
डीएम ने यह भी कहा कि मंदिर के आसपास के सभी अवैध अतिक्रमण पर एक्शन होगा. उन्हें खाली कराया जाएगा. सबकुछ एक प्रोसेस के साथ ही होगा. कहा कि हम एएसआई से भी रिक्वेस्ट करेंगे कि वह यहां आए और इसका सर्वे करे.















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