यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर बढ़ते आक्रोश और विवाद के बीच योगी सरकार ने 70 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है. प्रदेश में प्रीपेड सिस्टम खत्म कर दिया गया है. अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मीटर की तरह काम करेंगे. यानी प्रीपेड सिस्टम (पहले रिचार्ज ) की व्यवस्था ख़त्म की जा रही है.
उपभोक्ताओं को फिर से हर महीने का बिल मिलेगा. बकाया किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी जाएगी. ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में एक महीने के भीतर बिजली न काटी जाए और शिकायतों का प्राथमिकता पर निस्तारण हो.
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा- “उपभोक्ता देवो भव:। तकनीकी दिक्कतों और उपभोक्ताओं की शिकायतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि लोगों को राहत मिल सके.”

प्रदेश में स्मार्ट मीटर का कई महीनों से विरोध हो रहा है। 25 अप्रैल को ऊर्जा मंत्री ने कहा था कि 1 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 30 दिन तक और 2 किलोवाट पर 200 रुपए माइनस होने पर भी बिजली नहीं काटी जाएगी। इसके बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
रविवार को आगरा, फिरोजाबाद, फतेहपुर समेत कई शहरों में महिलाएं सड़कों पर उतर आईं. उन्होंने घरों से मीटर उखाड़कर बिजली विभाग के दफ्तरों में फेंक दिए. सपा और आम आदमी पार्टी ने भी प्रदर्शन किए.
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोमवार की शाम बिजली विभाग के अफसरों के साथ बैठक की. सोमवार को शक्ति भवन में बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने अहम बैठक की. प्रदेश में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर अधिकारियों से चर्चा की.
स्मार्ट/प्रीपेड मीटर से हो रही परेशानी को देखते हुए मंत्री शर्मा ने कहा- “मैंने पहले भी कहा था कि उपभोक्ता को परेशान नहीं होना पड़ेगा. प्रदेश में अब सभी स्मार्ट मीटर सामान्य पोस्ट-पेड मीटर की तरह कार्य करेंगे. प्री-पेड नाम की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है.”
















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