गाजीपुर में UP सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने राइफल क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक के बाद एक कई बड़े बयान दिए हैं. शिक्षामित्रों के मानदेय से लेकर विपक्ष, ईवीएम और यादव समाज पर विवादित टिप्पणी तक. गाजीपुर में ओम प्रकाश राजभर के बयान ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है. इस दौरान मंत्री ओपी राजभर के गनर पर लगे गम्भीर आरोप पर भी जवाब दिया है.
दरअसल, गाजीपुर के राइफल क्लब में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह में पहुंचे कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में शिक्षामित्रों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया गया है. हालांकि, महिला शिक्षामित्रों ने मानदेय को अब भी कम बताया, जिस पर राजभर ने कहा कि उनकी पीड़ा को समझा गया है, लेकिन फिलहाल जो मिला है उसी में काम चलाएं और आगे अपनी लड़ाई जारी रखें.
‘ईवीएम पर सवाल उठाने वाले इस्तीफा दे दें’: वहीं, चुनावी मुद्दों पर बोलते हुए ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली के आरोप वही लोग लगा रहे हैं, जो हार गए हैं. केरल में कांग्रेस की जीत पर सवाल क्यों नहीं उठाए जाते?
ईवीएम पर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि अगर मशीनों में गड़बड़ी होती, तो समाजवादी पार्टी के सांसद कैसे जीत पाते? उन्होंने यहां तक कह दिया कि जो लोग ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.
‘मथुरा में कृष्ण मंदिर बनवाने क्यों नहीं जाते?’: ओम प्रकाश राजभर ने यादव समाज को लेकर भी विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि इनका कौन सा इतिहास है? उन्होंने सवाल उठाया कि मथुरा में कृष्ण मंदिर बनवाने क्यों नहीं जाते? साथ ही समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जहां जाते हैं, वहां भाजपा को जिताकर आते हैं. दिन में विरोध और रात में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से मुलाकात करते हैं.
गनर पर लगे रेप के आरोप पर क्या कहा? वहीं, बाराबंकी की एक घटना का जिक्र करते हुए राजभर ने यादव समाज पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे सियासी विवाद और गहरा सकता है. मंत्री ओपी राजभर के गनर पर लगे रेप के आरोपों को लेकर राजभर ने कहा कि यह पुलिस विभाग का मामला है और संबंधित व्यक्ति छुट्टी पर था.
















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