महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में बवाल: छात्रों को पीटा, कई घायल; 2 असिस्टेंट प्रोफेसर सस्पेंड

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पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में कॉलेज देर से पहुंचने पर छात्रों को टीचर ने पीट दिया. पिटाई से छात्रों को चोट आई. उसके हाथ से खून निकलता देख साथी छात्र भड़क गए. उन्हों ने हंगाम कर दिया. कॉलेज का गेट बंद कर नारेबाजी शुरू कर दी. घायल छात्रों को कॉलेज के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया. मौके पर कई थानों का पुलिस फोर्स पहुंच गया.

छात्रों की पिटाई और उसके बाद हुए हंगामा का मामला महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज का है. मंधना में जीटी रोड स्थित इस कॉलेज में बुधवार की सुबह देरी से पहुंचने को लेकर खूब बवाल हुआ. छात्रों का हंगामा बढ़ता देख कॉलेज प्रशासन ने जांच कमेटी बनाकर दो आरोपी टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है. स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पीएसपी भी बुला ली गई है.

छात्रों ने कहा कोहरे से देरी हुई: हंगामा करने वाले छात्रों का कहना है कि बुधवार की सुबह शहर में घना कोहरा था. सड़क पर कुछ भी साफ नहीं दिख रहा था. वह अपने-अपने संसाधन से कॉलेज पहुंचे. कॉलेज पहुंचने का समय सुबह 9 बजे निर्धारित है। कुछ छात्र कोहरे की वजह कर देर से पहुंचे.

आरोप है कि देर से पहुंचने वाले छात्रों को कॉलेज में टीचर ने पीटा. छात्रों ने सफाई दी कि उन्होंने कोहरा की वजह कर देर होना बताया, फिर भी टीचर नहीं माने और पिटाई की. छात्रों ने इसका विरोध किया तो डंटों और बेल्ट से भी पीट दिया.

पिटाई से छात्र अभिषेक, चित्रांश, कृष्णा, अग्रिम द्विवेदी, अक्षांश, अस्मित सोनकर के अलावा छात्राएं मुस्कान, अंजली, अंशिका, अनन्या भी घायल हो गईं। डंडे की पिटाई से मुस्कान का हाथ फट गया. हाथ में गंभीर चोट लगने पर इन चारों छात्राओं को कॉलेज के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

कॉलेज का गेट बंदकर बाहर रोका, क्लास से निकल कर छात्रों ने हंगामा किया: देरी से पहुंचे छात्रों की पिटाई के बाद शिक्षकों ने दूसरे गेट को बंद कर दिया. इससे जो छात्र और बाद में आए वह बाहर ही रुक गए. उन्होंने एंट्री देने के लिए कहा तो मना कर दिया गया। इससे वहां टीचर और छात्राें के बीच बहस हो गई.

आरोप है कि गुस्साए कुछ टीचर अंदर से डंडा लेकर पहुंचे और गेट पर खड़े छात्रों को पीटने लगे. इसकी जानकारी कॉलेज के अंदर क्लास में मौजूद दूसरे छात्रों तक पहुंची तो वह भड़क गए. क्लास से बाहर आकर नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते विरोध और हंगामा बढ़ने लगा.

छात्रों का हंगामा बढ़ते देख पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस के पहुंचने पर छात्रों ने बताया कि देर से पहुंचने पर उन्हें गेट पर रोका गया और फिर पीटा गया. जब उन्होंने पिटाई का विरोध किया, तो शिक्षक ने डंडे से मारना शुरू कर दिया.

घायलों के लिए आई एंबुलेंस: छात्रा के घायल होने की जानकारी पाते ही तत्काल एंबुलेंस बुलाई गई. घायल छात्राओं को कॉलेज के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर बिठूर थाने से पुलिस पहुंची और छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की.

2 टीचर सस्पेंड, चार को हिरासत में ले गई पुलिस: छात्रों का हंगामा बढ़ता देख काॅलेज प्रबंधन ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर सुभाष चंद्र मौर्य व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर अनिल कुमार पाठक को सस्पेंड कर दिया है. मामले की जांच के लिए इंक्वायरी कमेटी गठित कर दी गई है.

इसके अलावा बुधवार की कक्षाओं को भी सस्पेंड करते हुए छात्र-छात्राओं से सुरक्षित कैंपस से बाहर जाने के लिए कहा गया है. सस्पेंड किए गए दोनों टीचर के अलावा चार और टीचर प्रशांत मिश्रा और शुभम गोयनका, रोहित वर्मा, शिवानी कपूर को पुलिस अपनी हिरासत में लेकर गई है.

कई थानों का फोर्स, छात्रों ने लिखित शिकायत सौंपी: महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज मे बवाल को देखते हुए कई थानों का फोर्स मौके पर है. डीसीपी, एडसीपी और एसीपी भी मौके पर मौजूद हैं। छात्रों का आरोप है कि वह आज 10 मिनट लेट आए थे. इस पर टीचर अनिल पाठक सहित अन्य टीचरों ने छात्र को पीटना शुरू कर दिया. लेट आने पर वह 300 रूपये लेट चार्ज लेते हैं.

छात्रों का आरोप है कि गाली बकते हुए टीचर ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया. अवैध रूप से वसूली होती है। न देने पर कॉलेज से बाहर निकाल देते हैं. छात्रों ने कहा कि अगर आरोपी टीचर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह सड़क पर भी उतरेंगे.

एसीपी कल्याणपुर के पास एक दर्जन से अधिक शिकायत दी गई हैं. सभी शिकायत पत्रों पर कार्रवाई कि मांग करते हुए कहा अगर सभी अप्लीकेशन पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे.

बिठूर थाना प्रभारी अशोक सरोज ने बताया कि छात्रों से बातचीत की जा रही है. उन्होंने स्वीकार किया कि पिटाई से नाराज होकर छात्र हंगामा कर रहे हैं. मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे. 

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