कानपुर सिविल लाइंस में नजूल की जमीन पर कब्जे में महापौर के बेटे अमित पांडेय उर्फ बंटी समेत 14 लोगों पर कोर्ट केस दर्ज हुआ है. नजूल की जमीन पर कब्जेदारों ने चट्टा, पार्किंग, स्ट्रीट लाइटें, झोपड़ी और ओपन जिम बना लिए. इस जमीन पर गाय भी बांधी जा रही थी.
बागी पार्षदों की लिखित शिकायत पर DM ने जांच कराई तो कब्जे की बात पुख्ता साबित हुई. इसके बाद पीपीई एक्ट के तहत एसीएम तीन की कोर्ट में केस दर्ज किया गया है. प्रशासन अब कब्जेदारों को नोटिस देकर जवाब मांगने की तैयारी कर रहा है.

नजूल की जमीन पर बनी पानी की टंकी

बीआईसी की जमीन पर पक्का निर्माण कराया गया.
4 फरवरी को भाजपा के बागी पार्षदों ने की थी शिकायत: 4 फरवरी को भाजपा के बागी पार्षद पवन गुप्ता, अंकित मौर्या, विकास जायसवाल, लक्ष्मी कोरी, आलोक पांडेय, हरिशंकर तिवारी ने सिविल लाइंस में पुलिस कमिश्नर आवास के ठीक पीछे स्थित बीआईसी की जमीन पर कब्जे की शिकायत पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल व डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह से की थी. आरोप था कि पुलिस कमिश्नर आवास के ठीक पीछे ब्लॉक नंबर एक, प्लाट नंबर 5 व 6 नजूल की भूमि है, जिस पर लंबे समय से कब्जा है.

पुलिस कमिश्नर को पत्र सौंपते बागी पार्षद (फाइल फोटो)
डीएम जितेन्द्र कुमार सिंह ने एसडीएम सदर, एसीएम सप्तम और तहसीलदार सदर की कमेटी से इसकी जांच कराई. टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो बड़े पैमाने पर अवैध कब्जों की जानकारी मिली. टीम ने जांच की तो मौके पर आवास, जिम, चट्टा, झोपड़ी, कार्यालय, पार्किंग, टीनशेड, स्ट्रीट लाइट, इंटरलॉकिंग और पानी की टंकी लगीग मिली थी, इससे पहले नगर निगम की जांच में भी अवैध निर्माण की पुष्टि हो चुकी है.
जिसके बाद टीम ने जांच रिपोर्ट में महापौर के बेटे बंटी पांडेय समेत 14 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दी. जिस पर एसीएम तृतीय की कोर्ट में लेखपाल हरिशंकर विश्वकर्मा की रिपोर्ट पर पीपीई एक्ट के तहत अमित पांडेय बंटी, निजामुद्दीन, रामनारायण, मोहित, पप्पू, जुग्गीलाल, केदारनाथ यादव, शीला, रामकली, मन्नीलाल, अशोक, आशू, मुन्नी कश्यप, सुनीता, रज्जन, प्रेम प्रकाश व रमेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, अब मामले में सुनवाई चलेगी.
















Leave a Reply