कानपुर में 250 करोड़ का साइबर सिंडिकेट बेनकाब, ई-रिक्शा चालक के खाते से 117 करोड़ का लेनदेन

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पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में 250 करोड़ रुपये के बड़े साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस आयुक्त के निर्देशन में सेंट्रल जोन की साइबर सेल टीम ने अंतर्राज्यीय गिरोह के दो शातिर सदस्यों — कपिल मिश्रा और राज उर्फ अमर दीप को गिरफ्तार किया है.

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने एक प्रेस कांफ्रेंस में उक्त जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी लोन दिलाने के बहाने छात्र, ई-रिक्शा चालक और निजी नौकरी करने वाले लोगों के आधार व पैन कार्ड हासिल करते थे. इन दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम से फर्जी फर्में खोलकर जीएसटी नंबर जारी कराए जाते थे और करोड़ों रुपये का लेनदेन दिखाया जाता था. अब तक की जांच में करीब 250 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए हैं.

उन्होंने ने बताया कि जांच में पता चला कि एक ई-रिक्शा चालक के खाते से ही 117 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया. अब तक 38 फर्जी फर्मों की पहचान हो चुकी है. तीन फर्जी फर्मों के खातों में जमा 1.5 करोड़ रुपये की धनराशि पुलिस ने फ्रीज कराई है. फर्जी फर्मों के जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की भी पुष्टि हुई है, जिसको लेकर संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है.

पुलिस कमिश्नर ने यह भी बताया कि मामले का खुलासा नजीराबाद निवासी अनुराग वर्मा की शिकायत के बाद हुआ. साइबर सेल ने जब डिजिटल फुटप्रिंट खंगाले तो पाया कि पीड़ितों के बैंक खातों में उनके असली मोबाइल नंबर की जगह जालसाजों के नंबर दर्ज थे. पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है.

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