हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए साल की शुरुआत मानी जाती है. साल 2026 में 19 मार्च से नया संवत्सर शुरू होगा, जिसे रौद्र संवत्सर भी कहा जा रहा है. इस बार हिंदू नववर्ष इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें 12 की जगह 13 महीने होंगे. इसके अतिरिक्त महीने को अधिक मास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जा रहा है. इसी दौरान शनि और मंगल की युति भी बनेगी, जिसे ज्योतिष में चुनौतीपूर्ण और अशुभ माना जा रहा है. इस वर्ष के राजा गुरु (बृहस्पति) और मंत्री मंगल होंगे, जिससे पूरे साल ऊर्जा और बदलाव का असर देखने को मिल सकता है.
अमावस्या कब है 2026?
द्रिक पंचांग के मुताबिक, इस बार चैत्र अमावस्या तिथि 18 मार्च की सुबह 8 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 19 मार्च की सुबह 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगी. इसके बाद प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी. चूंकि अमावस्या और चैत्र प्रतिपदा तिथि दोनों की शुरुआत सूर्योदय यानी कि उदयातिथि के आधार पर तय होती है. इसके मुताबिक 19 मार्च को ही अमावस्या होगी और 19 मार्च को ही चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि. तो क्या अमावस्या के साए में चैत्र नवरात्र की घटस्थापना होगी?

इसे लेकर ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि अमावस्या व्रत 18 मार्च को रखा जाना चाहिए. साथ ही पितृ कर्म भी 18 मार्च को सुबह 11 से 12 बजे के बीच करना उचित होगा. वहीं अमावस्या का स्नान-दान मुहूर्त 19 मार्च की तड़के सुबह 4 बजकर 51 मिनट से 5 बजकर 39 मिनट तक रहेगा. इस समय में पवित्र नदियों में स्नान करना और दान-पुण्य करना पूरा फल देगा.
चैत्र नवरात्र 2026 घटस्थापना का मुहूर्त: वहीं पंचांग के अनुसार चैत्र प्रतिपदा तिथि 19 मार्च की सुबह 06:52 से 20 मार्च 2026 की सुबह 04:52 बजे तक रहेगी. इसलिए 19 मार्च को ही चैत्र प्रतिपदा तिथि मानी जाएगी और घटस्थापना सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 43 मिनट तक कर सकेंगे. वहीं दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर में अभिजीत मुहूर्त 12:05 मिनट से 12:53 मिनट तक रहेगा. इस तरह अमावस्या खत्म होने के बाद के ही घटस्थापना के दोनों मुहूर्त हैं.
कहा जा रहा है कि ऐसा संयोग करीब 70 साल बात बना है जब चैत्र नवरात्र के पहले दिन अमावस्या भी रहेगी. ऐसे में यह दिन और भी खास होगा. यानी कि पितरों और मां दुर्गा दोनों की कृपा प्राप्त होगी.
हिंदू नववर्ष में इन राशियों को होगा धन लाभ: ज्योतिष के अनुसार, जब गुरु और मंगल एक साथ आते हैं, तो यह समझदारी और साहस का मेल बनाता है. ऐसे में कुछ राशियों को अपराजेय योग से इस पूरे साल खास फायदा मिल सकता है, खासकर वे लोग जो धैर्य और हिम्मत के साथ फैसले लेते हैं.
मेष: मेष राशि वालों के लिए यह साल काफी एक्टिव और आगे बढ़ने वाला रहेगा. मंगल के प्रभाव से आत्मविश्वास बढ़ेगा. करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. विरोधियों पर भी आप भारी पड़ सकते हैं.
सिंह: सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय पहचान और सम्मान दिलाने वाला रहेगा. नौकरी या प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को खास लाभ मिल सकता है. आपकी लीडरशिप क्वालिटी मजबूत होगी. लोग आपकी बातों को महत्व देंगे. Advertisement
धनु: धनु राशि वालों को इस साल गुरु का विशेष साथ मिलेगा. पढ़ाई, धर्म और समाज से जुड़े कामों में सफलता मिल सकती है. मानसिक शांति बनी रहेगी, जिससे आप मुश्किल हालात में भी सही फैसले ले पाएंगे.
वृश्चिक: वृश्चिक राशि के लिए यह साल मेहनत के बाद सफलता दिलाने वाला रहेगा. जमीन-जायदाद या प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में फायदा हो सकता है. आपकी इच्छाशक्ति मजबूत रहेगी. आप हर चुनौती का सामना कर पाएंगे.
मीन: मीन राशि वालों के लिए यह 13 महीने का साल आर्थिक रूप से अच्छा साबित हो सकता है. धन बचाने और निवेश करने के मौके मिलेंगे. शिक्षा और न्याय से जुड़े कामों में भी सफलता मिलने के संकेत हैं.
















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